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क्यूबा में ब्लैकआउट: अमेरिकी प्रतिबंधों का गहरा असर, देश में बिगड़े हालात; शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

Published: Sat, 21 Mar 2026 07:00 PM (IST)

क्यूबा अमेरिका के बढ़ते दबाव और तेल आपूर्ति रुकने से गंभीर संकट में है। बिजली, पानी और आवश्यक सेवाओं पर ...और पढ़ें

HighLights

  1. अमेरिकी दबाव और तेल आपूर्ति रुकने से क्यूबा में संकट।

  2. बिजली, पानी, आवश्यक सेवाओं पर गंभीर असर, जनजीवन अस्त-व्यस्त।

  3. राजधानी हवाना सहित देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के बढ़ते दबाव और तेल सप्लाई रुकने के कारण क्यूबा इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। बिजली, पानी और जरूरी सेवाओं पर असर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है।

हालात ऐसे हैं कि देश के कई हिस्सों में अंधेरा और परेशानी बढ़ती जा रही है। करीब तीन महीने पहले अमेरिका ने क्यूबा पर तेल की सप्लाई लगभग रोक दी, जिससे पहले से चल रही ऊर्जा समस्या और गहरी हो गई।

राजधानी हवाना में कचरा सड़कों पर जमा हो रहा है, अस्पतालों में इलाज सीमित हो गया है और लोग पानी गर्म करने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने हाल ही में कहा कि सरकार इस संकट का हल ढूंढने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह आसान नहीं होगा।

अमेरिका का बढ़ता दबाव

क्यूबा पर अमेरिका का आर्थिक प्रतिबंध 1960 के दशक से लागू है, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इससे क्यूबा के विकास पर भी असर पड़ा है।

हाल ही में अमेरिका ने दबाव और बढ़ा दिया। जनवरी में अमेरिका ने क्यूबा के मुख्य तेल सप्लायर वेनेजुएला की सप्लाई बंद करवा दी। इसके बाद मैक्सिको जैसे अन्य देशों से भी तेल सप्लाई रुक गई, क्योंकि अमेरिका ने उन्हें अतिरिक्त टैक्स लगाने की चेतावनी दी थी।

बिजली और पानी का संकट

तेल की कमी का सबसे बड़ा असर बिजली पर पड़ा है। क्यूबा में लंबे समय से बिजली कटौती होती रही है, लेकिन अब यह और ज्यादा बढ़ गई है। हाल ही में पूरे देश में ब्लैकआउट भी हुआ, जो अमेरिका के तेल प्रतिबंध के बाद पहली बड़ी घटना थी। पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि पानी की व्यवस्था भी बिजली पर निर्भर है। सरकार सोलर पैनल लगाने जैसे उपायों पर काम कर रही है।

ईंधन की कमी से अस्पतालों, स्कूलों और ट्रांसपोर्ट जैसी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। राष्ट्रपति के मुताबिक, हजारों लोग सर्जरी का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि बिजली नहीं है। हवाना में कचरा उठाने वाले ट्रक भी ईंधन के बिना खड़े हैं, जिससे सड़कों पर कचरा जमा हो गया है। बस सेवाएं कम हो गई हैं, जिससे लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है और भीड़ बढ़ गई है।

विरोध प्रदर्शन तेज

हालात बिगड़ने के बाद क्यूबा में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं, जो वहां कम ही देखने को मिलते हैं। हवाना में लोगों ने बर्तन बजाकर और आग जलाकर विरोध जताया। छात्रों ने भी पढ़ाई प्रभावित होने के कारण शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो क्यूबा पूरी तरह से संकट में फंस सकता है।

राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने माना है कि अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन इससे तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है। अमेरिका फिलहाल अपने दबाव को कम करने के संकेत नहीं दे रहा है, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी क्यूबा को अलग-थलग करने की कोशिश हो रही है।

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