दुबई, एपी। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल सऊदी अरब ने घोषणा की है कि 2060 तक वह हानिकारक गैसों का उत्सर्जन पूरी तरह से बंद कर देगा। इस घोषणा के साथ सऊदी अरब दुनिया के उन 100 देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने पर्यावरण पर असर डाल रहे मानव जनित कारणों पर रोक लगाने की घोषणा की है।

तेल अभी भी सऊदी अरब की आय का है मुख्य स्रोत

सऊदी अरब ने अपनी सीमा के भीतर गैसों का उत्सर्जन कम करने की घोषणा की है लेकिन उसने अभी तक इसके लिए तेल और गैस के उत्पादन में निवेश में कमी करने के संकेत नहीं दिए हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार कई अलग क्षेत्रों में निवेश कर राजस्व अर्जन के उपायों के बावजूद तेल अभी भी सऊदी अरब की आय का मुख्य स्रोत बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष में भी सऊदी अरब को तेल से 150 अरब डालर (करीब 1,100 लाख करोड़ रुपये) की आय होने की संभावना है।

2030 तक 20 करोड़ टन कार्बन का उत्सर्जन कम करने का है लक्ष्य

हानिकारक गैसों का उत्सर्जन शून्य करने की यह घोषणा सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के लिखित बयान में की गई है। सऊदी अरब में इस तरह का पर्यावरण सुधार के लिए कार्यक्रम पहली बार हुआ है। इसे ग्लासगो में होने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन से पहले सुधार के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। क्राउन प्रिंस सलमान ने कहा, सऊदी अरब पर्यावरण सुधार के लिए नजदीकी वर्षों में 45 करोड़ पौधे लगाएगा। कुछ वर्षों में ये पेड़ बनकर हानिकारक गैसों से होने वाले प्रदूषण को कम करने का कार्य करेंगे। सऊदी अरब ने 2030 तक 20 करोड़ टन कार्बन का उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan