फ्रांस में लाखों लोगों के प्रदर्शन के दौरान झड़पें, पुलिस ने किया लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल
पेरिस के बाहरी इलाके में धूप में शुरू हुए मार्च के अंत में झड़पें हुईं। दर्जनों काले कपड़े और मास्क ...और पढ़ें

फ्रांस में लाखों लोगों के प्रदर्शन के दौरान झड़पें (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं जब राष्ट्रपति चुनाव छह महीने से भी कम समय दूर हैं
सुदूर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन जनमत सर्वेक्षणों में आगे हैं
डिजिटल डेस्क, पेरिस। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और पुलिस हिंसा के खिलाफ शनिवार को देशभर में सैकड़ों हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन ज्यादातर शांतिपूर्ण रहे, लेकिन बाद में कई शहरों में तनाव बढ़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हो गईं।
पेरिस सहित कई जगहों पर पुलिस ने आंसू गैस दागी और लाठीचार्ज किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने हैलोवीन के मौके पर जोकर और चुड़ैल की वेशभूषा पहन रखी थी।
पेरिस के बाहरी इलाके में धूप में शुरू हुए मार्च के अंत में झड़पें हुईं। दर्जनों काले कपड़े और मास्क पहने लोगों ने हथौड़ों से फुटपाथ के पत्थर उखाड़कर पुलिस पर फेंके। कम से कम एक आग लगाने वाला उपकरण भी सुरक्षा बलों पर फेंका गया। पुलिस ने आंसू गैस और कई बार लाठीचार्ज कर जवाब दिया।
पुलिस प्रीफेक्चर के अनुसार, मार्च के पीछे कई सौ दंगाइयों का एक कठोर समूह प्रोजेक्टाइल फेंककर पुलिस पर हमला कर रहा था। अधिकारी सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहे थे।
ल्योन (फ्रांस का तीसरा सबसे बड़ा शहर) में भी लोगों ने पुलिस पर वस्तुएं फेंकीं, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस दागी। दक्षिणी शहर टूलूज में पुलिस ने अनधिकृत प्रदर्शन पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसमें ज्यादातर युवा शामिल थे।
‘गुस्सैल नागरिक की वेशभूषा में’
पूर्वी पेरिस में हजारों लोग स्पाइडर-मैन से लेकर फ्रैंकेनस्टाइन तक की वेशभूषा में सड़कों पर उतरे। प्लेकार्ड पर लिखा था कि हमारा भविष्य उदास दिखाने के लिए आंसू गैस की जरूरत नहीं और हैलोवीन पर गुस्सैल नागरिक की वेशभूषा में।
नैंट्स शहर की 31 वर्षीय प्रदर्शनकारी कैमिल ग्युरिन ने कहा कि हम महंगाई को नहीं कहते, सुदूर दक्षिणपंथ को नहीं कहते, हाई स्कूल छात्रों की मांगों को हां कहते हैं, नागरिकों को आवाज देने को हां कहते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पूरे फ्रांस में करीब 3.20 लाख लोग इकट्ठा हुए, जिनमें पेरिस में 70,000 शामिल थे। युवा संगठनों का दावा है कि देशभर में करीब पांच लाख लोग प्रदर्शन पर थे, जिनमें पेरिस में दो लाख थे।
चुनाव नजदीक
ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं जब राष्ट्रपति चुनाव छह महीने से भी कम समय दूर हैं और सुदूर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन जनमत सर्वेक्षणों में आगे हैं।
प्रदर्शन आंदोलन में यलो वेस्ट कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन, हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हैं। शुरू में यह बढ़ती महंगाई, असमानता और शिक्षा की बिगड़ती स्थिति पर केंद्रित था। सुरक्षा कार्रवाई और कुछ प्रदर्शनकारियों के गंभीर घायल होने के बाद अब नागरिक स्वतंत्रता और प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा की मांग भी जुड़ गई है।
छात्र प्रदर्शनकारियों ने शिकायत की कि पुलिस ने राजधानी के केंद्र से होकर मार्च की अनुमति नहीं दी। उन्होंने अगले सप्ताह हाई स्कूल और विश्वविद्यालयों को फिर से ब्लॉक करने की घोषणा की।
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