काबुल, एएनआइ। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आस्ट्रेलियाई कंपनी Cpharm के साथ 45 करोड़ अमेरिकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे इस्लामिक अमीरात द्वारा ड्रग के व्यापार को वैध करने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि कंपनी ने इस तरह की किसी भी डील से इनकार कर दिया है।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक मंत्रालय के तालिबान प्रवक्ता कारी सईद खोस्ती ने कहा कि समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसका काम कुछ ही दिनों के अंदर शुरू हो सकता है। खोस्ती ने कहा कि कंपनी चिकित्सा उद्देश्यों के लिए कैनबिस का उपयोग करेगी और कैनबिस की हजारों एकड़ की भूमि कंपनी को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कैनबिस का उत्पादन कानूनी रूप से Cpharm के साथ अनुबंधित किया जाएगा।

वहीं, दूसरी तरफ कंपनी ने इस तरह की किसी भी डील में शामिल होने से इनकार किया है। Cpharma ने एक बयान में कहा, कई मीडिया रिपोर्टों का हमें पता चला है, जिनमें इस डील का जिक्र किया गया है। कंपनी ने कहा कि दुनियाभर के कई मीडिया आउटलेट्स की तरफ से इस बारे में हमसे संपर्क किया गया है। खामा प्रेस ने कंपनी के हवाले से बताया कि Cpharm कुछ भी निर्माण या आपूर्ति नहीं करती है। कंपनी ने अपने बयान में आगे कहा, हम आस्ट्रेलिया के अंदर दवा उद्योग के लिए एक चिकित्सा सलाह सेवा प्रदान करते हैं। हमारे पास ARTG पर कोई उत्पाद नहीं है। हमारा तालिबान से कोई संबंध नहीं है और ना ही कैनबिस को लेकर कोई सौदा हुआ है। हमें नहीं पता कि तालिबान मीडिया रिलीज कहां से आई है और सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि इसे Cpharm Pty Ltd Australia से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले तालिबान ने कहा था कि अफगानिस्तान में कैनबिस और अफीम के उपयोग पर नकेल कसेगा और ड्रग उत्पादन के व्यवसाय में शामिल होने की अनुमति नहीं देगा।

Edited By: Neel Rajput