कोलंबो (रायटर)। Blast in Sri Lanka राजधानी कोलंबो से 40 किमी पूर्व में पुगोडा शहर में मजिस्ट्रेट अदालत के पीछे की खाली जमीन पर गुरुवार को एक ब्लास्ट हुआ है। पुलिस और स्थानीय निवासियों ने इस ब्लास्ट की जानकारी दी है। पुलिस ने कहा कि वे विस्फोट की जांच कर रहे है।

इससे पहले संडे को ईस्टर के मौके पर तीन चर्चो और तीन होटलों में हुए आत्मघाती हमलों में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों में 10 भारतीय समेत 34 विदेशी हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में 60 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

बता दें कि इस हमले की जानकारी आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) ने ली है। रविवार को इस्टर के दिन श्रीलंका के कई शहरों के चर्चों व पांच सितारा होटलों में आईएस से प्रभावित नौ इस्लामिक आतंकियों ने विस्फोट किया। यह आइएस की तरफ से दुनिया के किसी भी हिस्से में किया गया अभी तक का सबसे घातक हमला है। इससे पहले इनका सबसे बड़ा हमला कराडा (बगदाद) में था जिसमें 340 लोगों की जान गई थी।

बताया जा रहा है कि श्रीलंका सीरियल ब्‍लास्‍ट में हमलावरों में से एक आत्‍मघाती हत्‍यारा ब्रि‍टेन और आस्‍ट्रेलिया में पढ़ा-लिखा था। हालांकि उप रक्षा मंत्री रुवान विजयव‌र्द्धने ने आतंकी का नाम नहीं बताया और न ही उस विश्‍वविद्यालय या कॉलेज का नाम बताया, जहां उसने पढ़ाई की। उन्‍होंने कहा कि सभी हमलावर मध्‍य वर्ग या उच्‍च वर्ग से जुड़े थे। सभी पढ़े-लिखे थे। आर्थिक रूप से सक्षम थे। उनमें से अधिकतर ने उच्‍च शिक्षा हासिल की।

वहीं, श्रीलंका सरकार ने स्वीकार किया कि देश में हुए आतंकी हमले के पीछे बड़ी विफलता रही। उच्च अधिकारियों ने माना है कि श्रीलंका को संभावित आतंकी हमले की खुफिया जानकारियां मिली थीं। विजयव‌र्द्धने ने कहा कि बड़ी सुरक्षा चूक हुई। सरकार को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। इस चूक को देखते हुए राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरीसेन ने रक्षा सचिव हेमासिरि फर्नाडो और देश के पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदरा का इस्तीफा मांगा है।

Posted By: Manish Pandey