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20 मिनट में 6.3 अरब डॉलर गायब: उत्तर कोरियाई हैकर्स ने क्रिप्टो की अब तक की सबसे बड़ी चोरी को कैसे दिया अंजाम?

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:55 PM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 10:04 PM (IST)

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिसमें 6.3 अरब डॉलर से अधिक की चोरी हुई है।

बाइनेंस पर अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल चोरी।

बाइनेंस पर अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल चोरी।

HighLights

  1. बाइनेंस पर 6.3 अरब डॉलर से अधिक की क्रिप्टो चोरी।

  2. उत्तर कोरियाई हैकर ग्रुप 'ट्रेडरट्रेटर' पर हमले का संदेह।

  3. बाइनेंस ने यूजर्स के फंड को सुरक्षित बताया, निकासी रोकी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज 'बाइनेंस' पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिसमें करीब 50000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम चोरी हो गई है।

ब्लॉकचेन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह इतिहास में वर्चुअल करेंसी की अब तक की सबसे बड़ी चोरी है। इस बड़े हमले के पीछे उत्तर कोरिया के एक कुख्यात हैकर ग्रुप का हाथ होने का शक जताया जा रहा है।

कैसे दिया गया डाका को अंजाम?

अमेरिका की ब्लॉकचेन इन्वेस्टिगेशन फर्म TRM लैब्स के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद चालाकी से बाइनेंस के वॉलेट्स से करीब 6.36 अरब डॉलर की रकम मह 20 मिनट के भीतर 10 अलग-अलग ब्लॉकचेन पर ट्रांसफर कर ली।

मामले में TRM Labs ने कहा है कि उनके पास पुख्ता डिजिटल सबूत हैं, जिनके आधार पर वे पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया का 'ट्रेडरट्रेटर' नाम का हैकिंग ग्रुप है।

ब्लॉकचेन कंपनी चेनैलिसिस के सह-संस्थापक जोनाथन लेविन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यही आशंका जताई है कि इस 6.4 अरब डॉलर के बड़े हैक के पीछे उत्तर कोरिया का यही ग्रुप है, क्योंकि इसके तौर-तरीके पुराने हमलों से मेल खाते हैं।

बाइनेंस ने क्या कदम उठाया?

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस ने इस घटना को एक जटिल हमला बताया है। कंपनी ने फौरन एक्शन लेते हुए अपने ब्लॉकचेन पार्टनर्स के साथ मिलकर करीब 3 अरब डॉलर के प्रभावित फंड्स को फ्रीज कर दिया है।

मामले में बाइनेंस ने भरोसा दिलाया है कि वे यूजर्स के डूबे हुए पैसे को वापस लाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और इंडस्ट्री के दिग्गजों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं कंपनी ने इस नुकसान की भरपाई के लिए 6.34 अरब डॉलर के फंड का रिजर्व अलग रख लिया है, जिसमें से 5 अरब डॉलर वही टोकन हैं जो इस हमले में प्रभावित हुए थे।

बाइनेंस के यूजर्स का क्या होगा?

बाइनेंस पर हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले के बाद हर यूज़र के मन में यही सवाल है कि उनके पैसों और क्रिप्टो का क्या होगा? इस पर बाइनेंस की ओर से अहम जानकारी सामने आई है।

यूजर्स का फंड सुरक्षित- बाइनेंस के अधिकारियों के मुताबिक, यूजर्स का फंड पूरी तरह से सुरक्षित है। घबराहट से बचाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए प्लेटफॉर्म ने फिलहाल सभी तरह के विड्रॉल और डिपॉजिट पर अस्थायी रोक लगा दी है।

45 घंटों में शुरू होगी सर्विस- कंपनी ने साफ किया है कि वे अपनी तय योजना के मुताबिक काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि महज़ 45 घंटों के भीतर विड्रॉल सर्विस दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

6 अरब डॉलर से ज्यादा का रिजर्व- इस संकट से निपटने और यूजर्स के हितों की रक्षा के लिए बाइनेंस ने कंपनी के फंड से 6.34 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम अलग रखी है। इसमें हमले से प्रभावित हुए 5 अरब डॉलर के टोकन एसेट्स भी शामिल हैं।

ध्यान देने वाली बाच यह है कि बाइनेंस अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर उन चुराए गए 3 अरब डॉलर के एसेट्स को फ्रीज करने में जुट गया है, जिनका पता चल चुका है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ये कॉइन्स तुरंत वापस मिल जाएंगे, लेकिन इससे हैकर्स के लिए इन पैसों को कैश में बदलना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

उत्तर कोरिया और क्रिप्टो चोरी का पुराना नाता

इस बात को ऐसे समझिए कि हैकर ग्रुप 'ट्रेडरट्रेटर', उत्तर कोरिया के खतरनाक 'लाजरस ग्रुप' का ही हिस्सा माना जाता है। साल 2014 में इसी ग्रुप पर 'सोनी पिक्चर्स' को हैक करने का आरोप लगा था।

इससे पहले हाल ही में फरवरी 2025 में बायबिट क्रिप्टो एक्सचेंज पर हुए 1.5 अरब डॉलर के बड़े हमले के लिए भी एफबीआई (FBI) ने इसी ट्रेडरट्रेटर ग्रुप को जिम्मेदार ठहराया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाइनेंस का यह नया हमला फरवरी 2025 के बायबिट हैक से भी लगभग चार गुना बड़ा है, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा क्रिप्टो हीस्ट बनाता है।

क्रिप्टो बाजार में हड़कंप, धड़ाम हुए दाम

गौरतलब है कि इस सनसनीखेज खबर के सामने आते ही पूरी क्रिप्टो मार्केट में भूचाल आ गया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 4% लुढ़ककर 77465 डॉलर पर आ गई। इसके अलावा एथेरियम में भी 5% से 6% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाइनेंस का अपना नेटिव कॉइन BNB भी लगभग 1% कमजोर हुआ।

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