विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत', बांग्लादेश ने फिर उठाई शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग

Published: Mon, 05 Oct 2026 09:30 AM (IST)

बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ...और पढ़ें

बांग्लादेश ने फिर उठाई शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग(फाइल फोटो)

बांग्लादेश ने फिर उठाई शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग(फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश ने रविवार को उम्मीद जताई कि भारत उसकी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करेगा। बांग्लादेश ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन इसे पूरा करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी उतनी ही आवश्यकता है।

बांग्लादेश की यह टिप्पणी ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया चल रही है और चूंकि इसमें अदालतें शामिल हैं, इसलिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी जा सकती।

उन्होंने बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन के दौरान स्पष्ट किया था कि भारत सरकार बार-बार कह चुकी है कि यह एक तय कानूनी प्रक्रिया है और फिलहाल यह प्रक्रिया जारी है।

बांग्लादेश विदेश राज्य मंत्री ने क्या कहा?

भारतीय उच्चायुक्त के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने संवाददाताओं से कहा कि कानूनी प्रक्रिया निश्चित रूप से एक कारक है, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति भी बहुत जरूरी है।

हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार आरोपी को वापस लाने के लिए चल रही प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने पर ध्यान देगी। दोनों देशों के पास राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी चाहिए हमारे पास यह है, और भारत को भी इसे दिखाने की जरूरत है।

बांग्लादेशी उच्चायुक्त ने की विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात

इस बीच, भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त मोहम्मद रियाज हमीदुल्लाह ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की और दोनों देशों के आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

भारत में अपने 18 महीने के कार्यकाल को लेकर रियाज हमीदुल्लाह ने कहा कि उन्होंने आपसी विश्वास, सम्मान और साझा लाभ के आधार पर भारत-बांग्लादेश संबंधों को बिना किसी शोर-शराबे के आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

यह भी पढ़ें- 'तब वह बांग्लादेश की PM थीं...', शेख हसीना के भारत आने पर बोले भारतीय उच्चायुक्त

यह भी पढ़ें- पाकिस्तानियों से ज्यादा जीते हैं भारतीय, बांग्लादेशी भी आगे; WHO की रिपोर्ट में खुलासा