बांग्लादेशी यूनिवर्सिटी ने तीन शिक्षकों समेत पांच हिंदू कर्मियों को निकाला, अनुशासनहीनता और अनियमितताओं का लगाया आरोप
बांग्लादेश के खुलना यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (केयूईटी) ने अनुशासनहीनता के आरोप में सात कर्मचारियों को बर्खास्त किया है, ...और पढ़ें

बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार बढ़ रहा है अत्याचार

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डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक और घटना सामने आई है। खुलना यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (केयूईटी) ने कथित अनुशासन उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के आरोप में सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें तीन हिंदू शिक्षक और दो अन्य हिंदू कर्मचारी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को यह खबर दी।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ढाका ट्रिब्यून ने केयूईटी के रजिस्ट्रार इंजीनियर अनिचुर रहमान भुइयां के हवाले से बताया कि यह फैसला विश्वविद्यालय की 115वीं सिंडिकेट बैठक में लिया गया।
बर्खास्त किए गए लोगों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर पिंटू चंद्र शील, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर सुब्रत तलपात्रा और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर निबिर मंडल शामिल हैं। निकाले गए दो अन्य हिंदू कर्मचारी उप रजिस्ट्रार निमाई चंद्र मिस्त्री और कार्यालय सहायक सत्यजीत कुमार दत्ता हैं।
यह घटनाक्रम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों खासकर हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचारों के बीच सामने आया है। यह सिलसिला मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ था और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सरकार में भी जारी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। एक अन्य घटना में हिंदू परिवारों के तीन घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई।
(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)