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बांग्लादेश में हिंदू अधिकार कार्यकर्ता शंपा गोस्वामी पर देशद्रोह का केस, मानवाधिकार संगठनों ने जताई सुरक्षा पर चिंता

Published: Tue, 03 Nov 2026 09:50 PM (IST)

बांग्लादेश में हिंदू महिला अधिकार कार्यकर्ता शंपा गोस्वामी पर देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद उनकी सुरक्षा पर चिंता ...और पढ़ें

देशद्रोह के मामले में घिरीं हिंदू महिला कार्यकर्ता।

देशद्रोह के मामले में घिरीं हिंदू महिला कार्यकर्ता।

HighLights

  1. शंपा गोस्वामी पर बांग्लादेश में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया।

  2. मानवाधिकार संगठनों ने उनकी सुरक्षा और उत्पीड़न पर चिंता जताई।

  3. अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में हिंदू महिला अधिकार कार्यकर्ता शंपा गोस्वामी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें निगरानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। संगठनों ने अधिकारियों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

गोस्वामी सातखीरा जिले में महिला संगठन प्रेरणा नारी उन्नयन संगठन की कार्यकारी निदेशक हैं। द डेली स्टार के अनुसार, मानवाधिकार मंच बांग्लादेश (एचआरएफबी) ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि गोस्वामी को बिना किसी डर के वैध मानवाधिकार गतिविधियां करने का अवसर मिलना चाहिए। मंच ने उनके परिवार और संगठन से जुड़े लोगों को धमकी, उत्पीड़न और बदले की कार्रवाई से बचाने की भी अपील की।

एचआरएफबी के मुताबिक, गोस्वामी के खिलाफ 29 सितंबर को सातखीरा के श्यामनगर पुलिस थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी उनके घर और संगठन के कार्यालय पर नजर रख रहे हैं तथा उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं।

बीस मानवाधिकार और विकास संगठनों के गठबंधन एचआरएफबी ने इन आरोपों की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। मंच ने गोस्वामी के खिलाफ दर्ज मामले के कानूनी आधार और आरोपों की विश्वसनीयता की पड़ताल करने के साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया। उसने कहा कि संविधान नागरिकों को मौलिक अधिकार, आवागमन की स्वतंत्रता और घर तथा पत्राचार की निजता का अधिकार देता है।

गोस्वामी के मामले में इससे पहले आयरलैंड स्थित मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने भी चिंता जताई थी। संगठन ने पिछले महीने उनके यात्रा प्रतिबंध और गृह मंत्रालय के आदेश पर शुरू की गई पुलिस जांच पर सवाल उठाए थे।

उसके अनुसार, ये कदम गोस्वामी, उनके परिवार और प्रेरणा संगठन को बदनाम करने, परेशान करने और उनके काम में प्रशासनिक बाधाएं पैदा करने के कथित अभियान का हिस्सा हैं।

सोर्स- न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार

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