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बांग्लादेश में चुनाव के बाद भी नहीं थम रही हिंसा, पत्रकारों पर भी हमले, कई लोग घायल

Published: Mon, 16 Feb 2026 07:07 PM (IST)

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनावों के बाद भी हिंसा जारी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पांच जिलों में झड़पों में ...और पढ़ें

बांग्लादेश में चुनाव के बाद भी नहीं थम रही हिंसा(फाइल फोटो)

बांग्लादेश में चुनाव के बाद भी नहीं थम रही हिंसा(फाइल फोटो)

HighLights

  1. चुनाव के बाद बांग्लादेश में हिंसा जारी, नौ घायल।

  2. बीएनपी गुटों में झड़प, पत्रकार पर भी हमला।

  3. चुनावी हिंसा में 10 मौतें, 2,503 लोग घायल।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनावों के खत्म होने के बाद भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के पांच जिलों में हुई हिंसक झड़पों में कम से कम नौ लोग घायल हो गए और एक घर को आग के हवाले कर दिया गया। नाटोर जिले के लालपुर उपजिला में शनिवार रात बीएनपी के ही दो गुटों के बीच हुई झड़प में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

लालपुर थाना प्रभारी मोहम्मद मुजीबर रहमान ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और मौके से हथियार भी बरामद किया गया है। हिंसा की आंच शेरपुर और फेनी जिलों तक भी पहुंची।

जमात और बीएनपी के समर्थकों के बीच झड़प

शेरपुर में बीएनपी के एक चुनावी एजेंट गियासुद्दीन रसेल पर जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों ने हमला किया, जबकि फेनी में जमात कार्यकर्ता नूरुल अब्सार बिलाल पर बीएनपी समर्थकों द्वारा हमले की खबर है।

जमालपुर में चुनावी हिंसा की कवरेज कर रहे स्थानीय पत्रकार शम्सुल हुदा रतन पर भी 'युबो दल' के कार्यकर्ताओं ने हमला किया।

चुनावी हिंसा में 10 लोगों की मौत, 2,503 लोग घायल

खुलना जिले में एक जमात समर्थक के घर को आग लगा दी गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। ढाका स्थित ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी 2026 के बीच चुनाव संबंधी हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,503 लोग घायल हुए हैं।

इस दौरान 700 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 500 से ज्यादा घरों, दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान पनपे चरमपंथ और इस जारी अशांति को रोकना तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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