महंगाई से बेहाल बांग्लादेशी कपड़ा मजदूरों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
बांग्लादेश में महंगाई के कारण कपड़ा मजदूर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी ढाका ...और पढ़ें

कपड़ा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग।
HighLights
कपड़ा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
महंगाई के मुकाबले मजदूरी नहीं बढ़ने से नाराजगी
ढाका सहित कई इलाकों में सुरक्षा बल तैनात
डिजिटल डेस्क, ढाका। महंगाई के मुकाबले मजदूरी नहीं बढ़ने से बांग्लादेश के कपड़ा मजदूरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से जारी आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
राजधानी ढाका के मीरपुर समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बना हुआ है। मंगलवार को मीरपुर में हुई झड़प के बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
हालात पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। सुरक्षाकर्मी बाडी कैमरों के साथ गश्त कर रहे हैं और उनसे मिलने वाले लाइव फुटेज की लगातार समीक्षा की जा रही है।
कपड़ा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
मीरपुर, गाजीपुर, नारायणगंज और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबल गश्त कर रहे हैं। बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अनुसार, गाजीपुर के सोफीपुर, कालियाकैर और कोनाबारी में 10 प्लाटून तैनात की गई हैं। वहीं, नारायणगंज के चासरा इलाके में दो प्लाटून लगाई गई हैं। इस तरह कुल 12 प्लाटून तैनात की गई हैं।
अशुलिया और मीरपुर में भी हालात पर नजर रखी जा रही है। पिछले दो वर्षों से राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रहे बांग्लादेश में महंगाई और मजदूरी को लेकर कामगारों की नाराजगी लंबे समय से बनी हुई है। अब यह असंतोष सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
12,500 टका से 30 हजार करने की मांग
कपड़ा मजदूरों की प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल देश में मानक न्यूनतम वेतन 12,500 टका है। मजदूर इसे बढ़ाकर 30 हजार टका करने की मांग कर रहे हैं।
मजदूरों को भड़काने का आरोप
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने आरोप लगाया है कि पूर्ववर्ती अवामी लीग सरकार से जुड़े उद्योगपति और फैक्ट्री मालिक मजदूरों को भड़काकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को सचिवालय में बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीजीएमईए) और बांग्लादेश निटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीकेएमईए) के नेताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही।
सलाहुद्दीन ने दावा किया कि कुछ पूर्व सांसद और मंत्री भी अशांति भड़काने में शामिल थे। उनके मुताबिक, मजदूरों का शोषण कर उन्हें अस्थिरता फैलाने, राजमार्ग बाधित करने, लूटपाट और हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है।
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