जेएनएन, नई दिल्ली : थाइलैंड की गुफा में फंसे बच्चों को बाहर निकालने में आस्ट्रेलियाई गोताखोरों के दल में शामिल एक डॉक्टर की दवा ने इस अभियान को सफल बनाया। आस्ट्रेलियाई डॉक्टर रिचर्ड हैरिस को जीनियस मेडिकल कदम उठाने का श्रेय दिया जाना चाहिए। खतरनाक गुफा में तैरते समय बच्चों में डर खत्म करने के लिए उन्होंने हल्का सेडाटिव दिया था। डॉक्टर के इसी कदम ने बच्चों को साहसी बनाया और वे त्रासदी से मुक्ति पाने में कामयाब रहे।

आस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूलिया बिशप ने कहा कि थाइलैंड सरकार ने बचाव अभियान में शामिल होने का आग्रह किया था। डॉक्टर रिचर्ड हैरिस के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 53 वर्षीय अनेस्थिटिस्ट होने के साथ ही वह एडिलेड के गुफा गोताखोरी विशेषज्ञ भी हैं। डॉक्टर हैरिस ने बच्चों को सेडाटिव का हल्का डोज दिया ताकि 1.7 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान तैरते समय वे बिलकुल निडर रह सकें। हर बचाव अभियान के पहले थाई मेडिकल टीम के साथ डॉक्टर हैरिस ने गुफा में प्रवेश किया और यात्रा शुरू करने से पहले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। विदेश मंत्री ने कहा, 'हैरिस एक असाधारण आस्ट्रेलियाई हैं। निश्चित रूप से उन्होंने थाइलैंड के बचाव अभियान में जो काम किया है वह एक उदाहरण है, अतुलनीय है।'

हैरिस के सहयोगी कालेन भी हैं अनुभवी गोताखोर

 उन्होंने यह भी बताया कि बचाव अभियान में डॉक्टर हैरिस के साथ उनके सहयोगी डॉक्टर क्राइग कालेन भी शामिल थे। वह भी एक अनुभवी व्यक्ति हैं और पर्थ में गुफा गोताखोरी के विशेषज्ञ हैं। 20 वर्षो से भी ज्यादा समय से गोताखोरी करने वाले कालेन आस्ट्रेलिया के प्रमुख तकनीकी गुफा गोताखोर माने जाते हैं।

असाधारण त्रासदी का सुखद अंत हुआ

 जूलिया ने कहा कि असाधारण त्रासदी का सुखद अंत हो चुका है। खतरनाक बचाव अभियान में शामिल आस्ट्रेलियाई सहित सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने बचाव अभियान में शामिल थाई नेवी सील सामन कुनान के निधन पर गहरा शोक जताया। स्वेच्छा से बच्चों को बचाने के लिए आगे आए कुनान की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हो गई थी। उनकी मौत के बाद बच्चों को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसका कारण यह था कि गुफा में ऑक्सीजन का स्तर गिरता चला जा रहा था।

Posted By: Arun Kumar Singh