काबुल, एपी। अफगानिस्तान के हेल्मंद प्रांत में सड़क किनारे कार बम धमाके से बच्चों समेत 23 लोगों की जान चली गई। यह जानकारी प्रांत के गवर्नर कार्यालय द्वारा दी गई है। सड़क किनारे हुए धमाके को तालिबान और अफगान सेना ने एक दूसरे को दोषी ठहराया है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार अभी हमले के पीछे की जानकारी नहीं मिल सकी है। यह क्षेत्र तालिबान के नियंत्रण में है और दुर्गम इलाको में से एक है। 

गवर्नर जनरल मोहम्मद यासीन ने बताया कि हमले कि अभी अधिक जानकारी नहीं मिली है और किसी ने अभी तक हमले का कोई दावा नहीं किया गया है। वहीं, तालिबान के एक प्रवक्ता कारी यूसुफ अहमदी ने विद्रोहियों को बमबारी में शामिल होने से इनकार किया है। तालिबान ने दावा किया है कि सेना ने बाजार में मोर्टार दागे हैं, जबकि सेना ने कहा कि कार बम और मोर्टार के गोले से विद्रोहियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया गया है।

इस धमाके पर सेना ने कहा कि सोमवार को क्षेत्र में कोई सैन्य गतिविधि नहीं थी और जब बाजार में कार बम विस्फोट हुआ तो तालिबान के दो लड़ाके भी मारे गए। बाजार, भेड़ और बकरियों को बेचने वाले लोगों को मारा गया है। 

राष्ट्रपति अशरफ गनी ने की कड़ी निंद

वहीं, राष्ट्रपति कि तरफ से जारी किए गए बयान में अशरफ गनी ने क्रूर और अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा की है और उन्होंने जोर दिया कि नागरिकों और विशेषकर बच्चों और वयस्कों को निशाना बनाना इस्लामी और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।

गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को देश के मानवाधिकार आयोग के दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी जब उनका वाहन राजधानी काबुल में सड़क किनारे रखे बम से टकरा गया था। आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतकों में दाता संपर्क अधिकारी फातिमा खलील और वाहन चालक जावेद फौलाद शामिल थे। इस हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

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