वाशिंगटन, एजेंसी । वाशिंगटन पोस्‍ट Washington Post ने कहा है कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या के समय ही अमेरिकी सेनाओं ने अब्‍दुल रजा शहलाई को निशाना बनाते हुए एक और हमला किया था। हालांकि, अमेरिकी सेना का यह मिशन विफल हो गया था। इस हमले में ईरानी सेना का बड़ा अफसर अब्‍दुल रजा शहलोई बाल-बाल बच निकला।

अब्‍दुल रजा पर इराक में अमेरिकी और गठंबधन सेना के खिलाफ हमलों के निर्देश दिए थे। इसके अलावा हिंसक शिया समूहों को हथियार और विस्‍फोटक उपलब्‍ध कराने में बड़ी भूमिका है। अब्‍दुल रजा ने अमेरिकी सेना के खिलाफ 2007 के हमले की योजना बनाने का आरोप है। इस हमले में अमेरिका के पांच सेवा सदस्‍य मारे गए और कई घायल हो गए। हालांकि, अमेरिकी सैन्‍य अधिकारी ने शाहली के खिलाफ हमले पर बहुत कुछ बताने से परहेज किया है।

ड्रोन हमले कर ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या

गौरतलब है कि अमेरिका सेना ने 3 जनवरी को बगद़ाद हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमले में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या की थी। इस सैन्‍य ऑपरेशन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आदेश पर हुआ था। उस वक्‍त सुलेमानी इराक के बगदाद में थे। वह दो गाड़ियों के काफ़िले में चल रहे थे, जिसमें ईरान समर्थित इराक़ी सेना के लोग भी सवार थे।

इराक ने अल असद और इरबिल में दागी मिसाइलें

गौरतलब है कि 9 जनवरी को ईरान ने दावा किया था कि उसने इराक़ के अल असद और इरबिल में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए हैं। कुछ देर बाद पेंटागन ने भी इन हमलों की पुष्टि की थी। ईरान ने इस हमले को पिछले हफ़्ते अमरीका के ड्रोन अटैक में अपनी कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख सैन्य अधिकारी क़ासिम सुलेमानी की मौत का बदला बताया था। बता दें कि सुलेमानी ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बाद दूसरा सबसे ताक़तवर शख़्स था।

Posted By: Ramesh Mishra

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