ट्रंप की नाकेबंदी शुरू, अमेरिकी वॉरशिप ने ईरान से निकल रहे 2 तेल टैंकरों को रोका, वापस लौटने का दिया आदेश
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी शुरू कर दी है। अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान से निकल रहे दो तेल टैंकरों ...और पढ़ें
HighLights
अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान के दो तेल टैंकर रोके
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने नाकेबंदी लागू की
ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी युद्धपोत ने ईरान से निकलने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को रोका और उन्हें वापस लौटने का निर्देश दिया। यह दोनों जहाज ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार बंदरगाह से निकले थे। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्हें कोई और चेतावनी दी गई थी या नहीं।
एक अमेरिकी अधिकारी की माने तो ये दोनों टैंकर उन छह व्यापारिक जहाजों में शामिल थे। जिनके बारे में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को कहा था कि, उन्होंने वापस लौटने और ओमान की खाड़ी में स्थित किसी ईरानी बंदरगाह में फिर से प्रवेश करने के आदेशों का पालन किया है।
अमेरिका का दावा एक भी जहाज नहीं हुआ पार
सेंट्रल कमांड ने बताया कि सोमवार को वॉशिंगटन के समय के अनुसार सुबह 10 बजे (1400 GMT) नाकेबंदी लागू होने के बाद से अब तक कोई भी जहाज इस नाकेबंदी को पार करके आगे नहीं निकल पाया है। मालूम हो कि इस नाकेबंदी से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर दबाव डालना चाहते है, ताकि वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के अपने कदम को वापस ले। ट्रंप को उम्मीद है कि नाकेबंदी के कारण ईरान को अमेरिका की शर्तें मानने पर मजबूर कर देगी।
द वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के नोआम रेदान ने बताया कि, ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि नाकेबंदी शुरू होने के बाद एक टैंकर ने यू-टर्न लिया था। हां, लेकिन उन्होंने यह भी आगाह किया कि ईरान के तेल के साथ काम करने वाले कई जहाज अक्सर डार्क हो जाते हैं, यानी उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आगे कहा, "हमें अभी ठीक से पता नहीं है कि यह नाकेबंदी कितना असरदार साबित होगा। अभी तो इसे लागू हुए सिर्फ दो ही दिन हुए हैं।"
नाकेबंदी में दस हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह नाकेबंदी एक बहुत बड़ा अभियान है। जिसमें दस हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत और दर्जनों विमान शामिल हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए आवाजाही की आजादी तय करेगी, बस शर्त यह है कि वे जहाज ईरान से ना आ रहे हों।
इस नाकेबंदी को लेकर विश्व व्यापार के विशेषज्ञों का कहना है कि नाकाबंदी एक युद्ध जैसा कदम है, जिसके लिए बड़ी संख्या में जंगी जहाजों की लगातार मौजूदगी की जरूरत होती है। इससे तेहरान की तरफ से फिर से जवाबी कार्रवाई हो सकती है और पहले से ही नाज़ुक चल रही युद्धविराम की स्थिति पर भारी दबाव पड़ सकता है। ईरान की तरफ से जहाजों को दी गई धमकियों की वजह से ग्लोबल तेल की कीमतें अब तक करीब 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं। इसके अलावा, इस लड़ाई में करीब 5,000 लोगों की जान भी जा चुकी है।
