मिडिल ईस्ट में फिर लौटेगी शांति? ट्रंप का जागा 'ईरान प्रेम'; पटरी पर इजरायल-लेबनान की बातचीत
मिडिल ईस्ट में शांति की नई उम्मीद जगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता फिर से ...और पढ़ें
HighLights
ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता फिर शुरू होने के संकेत दिए।
इजरायल और लेबनान तीन दशकों बाद सीधी बातचीत को तैयार।
मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बार फिर कूटनीतिक हल की उम्मीद जगी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ शांति वार्ता जल्द दोबारा शुरू हो सकती है। वहीं दूसरी ओर इजरायल और लेबनान के बीच भी सीधी बातचीत की तैयारी हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ नई शांति वार्ता अगले दो दिनों में फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह बातचीत पाकिस्तान में हो सकती है। ट्रंप के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि हालिया विफलता के बावजूद दोनों देश फिर बातचीत के लिए तैयार हैं।
पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू कर दी थी। हालांकि अब ईरान की ओर से समझौते की कोशिश के संकेत मिलने लगे हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जो तेल और गैस की सप्लाई के लिए बेहद अहम मार्ग है।
इजरायल-लेबनान बातचीत में प्रगति
इसी बीच एक और अहम घटनाक्रम में इजरायल और लेबनान ने सीधे बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है। यह सहमति वॉशिंगटन में हुई बैठक के बाद बनी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों देशों ने आपसी सहमति से जल्द ही सीधी वार्ता शुरू करने का फैसला किया है।
यह बैठक विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मध्यस्थता में हुई और करीब दो घंटे चली। इजरायल और लेबनान के बीच पिछले तीन दशकों में यह पहली बार है जब दोनों देश औपचारिक बातचीत के लिए तैयार हुए हैं।
आगे क्या होगी चुनौती?
लेबनान 2 मार्च को इस संघर्ष में शामिल हुआ था, जब ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले किए थे। इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हवाई हमले और जमीनी अभियान शुरू किया। इस संघर्ष में अब तक करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।
