नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। अमेरिका ने जब ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मार दिया उसके बाद ईरान ने भी अमेरिका पर हमला करने की धमकी दी। इसके बाद अमेरिका की ओर से कहा गया कि ईरान की सभी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चीजें उसके निशाने पर हैं, यदि ईरान ने उसके किसी भी सैनिक या ठिकाने पर हमला किया तो वो उसके इन सभी ठिकानों पर हमला करके उसे नेस्तानाबूत कर देगा। ईरान में ऐतिहासिक महत्व की कई जगहें हैं, इनमें से 20 से ज्यादा चीजों को यूनेस्को से विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है। हम इस खबर के माध्यम से आपको उनमें से कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं।

Naqsh-e Jahan Square

दुनिया में सबसे बड़े सिटी स्क्वेयर्स में से एक है, नक्श-ए जहां स्क्वेयर। ये 17 वीं शताब्दी में बनी थी। ईरान में ये जगह इसफहान शहर में स्थित है। नक्श-ए जहां स्क्वेयर में बनी इमाम मस्जिद (1979 की क्रांति के बाद इसका नाम बदला गया था)। इसे डिजाइन वाली सुंदर टाइल्स से बहुत ही करीने से सजाया गया है। यूनेस्को ने इसे भी विश्व धरोहर का दर्जा दिया हुआ है।

Gulistan Palace

राजधानी तेहरान में बने गुलिस्तान पैलेस में शाही इमारतें बनी हैं जिनमें बहुत सुंदर कारीगरी से सजावट की गई है। इसमें 19 वीं सदी में कजर वंश का आधिकारिक निवास था। ये इमारत भी यहां देखने लायक है। 

 

Persepolis Hakmani

515 ई.पू. में परसेपोलीस हखामनी साम्राज्य की राजधानी थी। इसे 1979 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया था। उस समय की राजधानी होने के नाते इसका भी ऐतिहासिक महत्व है। इसमें 500 ई. पू. में हखामनी साम्राज्य के राजा दारा प्रथम को दिखाया गया है। बेहुस्तान शिलालेख एक बड़ी चट्टान पर उभरी हुई नक्काशी है जिसमें कई भाषाओं में लिखा गया है। यह सुमेरियन लेखन को समझने के लिए अहम थी, जो लेखन की एक प्रारंभिक प्रणाली थी।

Arj-e Bam Fort

दुनिया में सूखी हुई ईंट का सबसे पुराना निर्माण कार्य यहां देखने को मिलता है। ये किला प्राचीन अर्ज-ए बाम किला प्राचीन सिल्क रोड पूर्व-पश्चिम व्यापार मार्ग में स्थित था। 2003 में जब भूकंप आया था उस वजह से यह किला क्षतिग्रस्त हो गया था। फिलहाल इसका पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। ये भी देखने लायक ऐतिहासिक इमारत है।

Independence tower Iran

आजादी टावर ईरान के केंद्र में स्थित है। इसे मूल रूप से ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रेजा पहलवी ने शाही राज्य की नींव के 2,500वें वर्ष की याद में बनवाया था। 1979 की क्रांति में मोहम्मद रजा के शासन से हटने के बाद इसका नाम बदल दिया गया। लोग यहां इस्लामिक गणतंत्र का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठे होते हैं। इसके अलावा किसी बड़े नेता की मौत या विरोध में भी यहां लाखों की संख्या में लोग जमा होते हैं। कासिम सुलेमानी की मौत के विरोध में यहां ऐसा ही नजारा देखने को मिला था।

Ruhollah Khomeini's Tomb

रुहोल्ला खुमैनी के मकबरे में इस्लामिक गणतंत्र के संस्थापक आयतुल्लाह रुपहोल्ला खुमैनी सहित उनके परिवार के सदस्यों और अन्य राजनीतिक शख्सियतों की समाधियां हैं। यह आधुनिक ईरान में एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।

Iran shiraz umbrella colorful beautiful art 

ये जगह भी अपने आप में अनूठी है। यहां बाजार में ऊपर रंग बिरंगी छतरी लगी हुई है। यहां आने वाले पर्यटक नीचे खड़े होकर फोटो सेशन कराते हैं। ये छतरियां काफी आकर्षक दिखती हैं।  

Posted By: Vinay Tiwari

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