फ्रांस से 80 राफेल क्यों खरीद रहा UAE? मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच फंडिंग पर उठे सवाल
संयुक्त अरब अमीरात ने फ्रांस के साथ संयुक्त फंडिंग पर बातचीत टूटने के बाद अपग्रेडेड F5 फाइटर जेट के विकास ...और पढ़ें

UAE ने F5 फाइटर जेट विकास की फंडिंग रोकी

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस के साथ संयुक्त फंडिंग पर बातचीत टूट जाने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपग्रेड किए गए F5 फाइटर जेट के विकास के लिए फंडिंग रोक दी है।
फ्रांस ने दिसंबर 2025 में यूएई को निवेश के बदले इस प्रोग्राम में शामिल होने का मौका दिया था, लेकिन इसमें स्थानीय कंपनियों की भागीदारी या टेक्नोलॉजी तक पहुंच शामिल नहीं थी।
फंडिंग रुकने से फ्रांस पर बोझ
'ला ट्रिब्यून' के अनुसार, UAE से इस प्रोग्राम में लगभग 3.5 बिलियन यूरो का योगदान करने की उम्मीद थी, जिसकी कुल लागत करीब 5 बिलियन यूरो होने का अनुमान है।
फ्रांस पर भले ही यूरोपीय देशों के फिर से हथियार जुटाने और रक्षा क्षेत्र की कई अन्य प्राथमिकताओं के चलते उस पर दबाव बढ़ रहा हो, लेकिन UAE के इस डील से बाहर होने की वजह से अब फ्रांस अकेले ही इस पूरे बोझ को उठाएगा।
Rafale F5 अब सिर्फ एक और फाइटर अपग्रेड से कहीं ज्यादा बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फ्रांसीसी अधिकारी इसे यूरोप के भविष्य के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट्स को लेकर बनी अनिश्चितता के खिलाफ देखने लगे हैं।
UAE ने दिया Rafale F5 के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर
खबरों के मुताबिक, फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी Dassault Aviation ने संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना के लिए पहला राफेल फाइटर जेट पेश किया है।
UAE के रक्षा मंत्रालय ने ऐसे 80 विमानों का ऑर्डर दिया है। ये विमान देश की वायुसेना में उसी कंपनी द्वारा बनाए गए Mirage 2000-9 फाइटर जेट्स की जगह लेंगे।
फ्रांस के सभी ग्राहकों में से, Rafale विमानों का यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है। इस बड़ी संख्या के कारण, यह देश F5 आधुनिकीकरण मानक सहित अन्य अतिरिक्त सेवाओं के लिए भी एक आकर्षक खरीदार बन गया है। इस बीच, Rafale फाइटर जेट्स के पहले बैच की डिलीवरी 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है।
