अंकारा, एजेंसी । तुर्की ने सीरिया के सरकारी सैन्‍य बलों को उत्‍तर पश्चिम सीरिया के इदबिल क्षेत्र से पीछे धकेलने की योजना बनाई है। तुर्की राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने उम्‍मीद जताई है कि इदलिब में एयर स्‍पेस के इस्‍तेमाल के मुद्दे का जल्‍द ही सुलझा लिया जाएगा।

बता दें कि रूस इस हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करता है। इस हवाई क्षेत्र को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। एर्दोगन ने अपने एक भाषण में अपनी पार्टी के सांसदों को बताया कि हम इस महीने के अंत तक सीरियाई सरकारी बलों को इस क्षेत्र से मुक्‍त करने की योजना बना रहे हैं। बता दें कि पूरे सीरिया में अब इदलिब शहर ही इकलौता शहर है, जहां आतंकी और विद्रोहियों ने पनाह ले रखी है। 

विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब में संघर्ष जारी  

बता दें कि इस समय इदलिब में संघर्ष जारी है। हाल में सीरिया और रूस ने विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब शहर पर एक साथ मिलकर हमले शुरू किए हैं। इनका मकसद इदलिब में जमे बैठे कई आतंकी संगठनों के आतंकियों को इस आखिरी यलगार में मार गिराया जा सके।  दुनिया के कई मुल्‍कों को इदलिब में रूस की सक्रियता को लेकर है। इन मुल्‍कों को आतंक से ज्‍यादा सीरिया में रूसी दबदबे से दिक्कत है। 

इदलिब प्रांत अरब क्रांति के दौर से ही आतंकियों के कब्जे में 

दरअसल, सीरिया का इदलिब प्रांत अरब क्रांति के दौर से ही आतंकियों के कब्ज़े में चला गया था। राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने और आतंक की सल्तनत कायम करने की कोशिश में लगे हुए हैं। इसके अलावा इराक और सीरिया में इदलिब ही इन आतंकियों का एकलौता और आख़िरी गढ़ बचा है। इदलिब के इलाके में करीब 50 हज़ार आतंकियों ने पनाह ले रखी है। वहां की कुल आबादी 29 लाख है। 

इदलिब में कई गुट सक्रिय 

इदलिब प्रांत में किसी एक गुट का कब्‍जा नहीं है। बल्कि यहां कई गुट सक्रिय हैं। सभी गुटों को मिलाकर यहां करीब 30 हजार लड़ाके हैं। आतंकी संगठन हयात तहरीर अल-शाम भी शामिल है। इसके तार अल-क़ायदा से जुड़े हैं। इसका इदलिब के अलावा सरहदी इलाके बाब अल-हवा पर कब्ज़ा है।  इस आतंकी संगठन में करीब 10 हज़ार लड़ाके हैं। इनमें ज्‍यादातर विदेशी हैं। नेशनल लिबरेशन फ्रंट इस संगठन के सिर पर तुर्की का हाथ है। इसका गठन 2018  एचटीएस के दबदबे को कम करने के लिए किया गया। इस संगठन में अहरार अल-शम और नूर अल-दीन अल-जिंकी ब्रिगेड जैसे कई कट्टर इस्लामी गुट हैं। फ्री सीरियन आर्मी भी इसी संगठन के बैनर तले लड़ रही है। 

Posted By: Ramesh Mishra

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