'ट्रंप ने हमें धोखा दिया', ईरान के प्रदर्शनकारियों का फूटा गुस्सा; अमेरिकी राष्ट्रपति पर भरोसा पड़ा भारी
ईरान में प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की उम्मीद थी, लेकिन उनके रुख बदलने से वे ठगा ...और पढ़ें
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ईरान के प्रदर्शनकारियों का फूटा गुस्सा; अमेरिकी राष्ट्रपति पर भरोसा पड़ा भारी (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)
HighLights
ट्रंप के शुरुआती समर्थन से ईरानी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे।
अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख बदलने से प्रदर्शनकारी निराश हुए।
ईरानी अब ट्रंप को धोखेबाज और गुमराह करने वाला मान रहे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मदद की उम्मीद थी। ट्रंप के शुरुआती बयानों से उन्हें लगा कि अमेरिका उनका साथ देगा। लेकिन, जब बाद में ट्रंप अपने रुख से पीछे हटे तो कई ईरानियों को यह धोखा लगा।
अब प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि ट्रंप ने उन्हें गुमराह किया और मुश्किल समय में अकेला छोड़ दिया। बता दें, जब ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे थे तब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था। उन्होंने ईरान की सरकार को चेतावनी दी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचा तो अमेरिका तैयार है।
ट्रंप के बयान के बाद और तेज हुआ प्रदर्शन
ट्रंप ने 'मदद रास्ते में है' जैसे बयानों को कई लोगों ने सीधी मदद या सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में लिया। इससे कई ईरानी सड़कों पर उतर आए और उन्होंने खुलकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान खबरें आईं कि अमेरिका ने क्षेत्र में अपने एक बड़े सैन्य अड्डे से गैर-जरूरी कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया है। इसे भी संभावित कार्रवाई की तैयारी माना गया।
प्रदर्शन बढ़ते ही ईरानी सरकार ने इंटरनेट और संचार सेवाए बंद कर दीं। सुरक्षा बलों को सड़कों पर उतार दिया गया और कई जगहों पर हिंसा हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्नाइपर और मशीनगन का इस्तेमाल किया गया। कई लोग मारे गए और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए।
अचानक बदला ट्रंप का रुख
कुछ ईरानियों का मानना है कि सिर्फ उनकी सरकार ही नहीं, बल्कि ट्रंप भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि उनके बयानों ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, ट्रंप का रुख अचानक बदल गया और उन्होंने बयान दिया कि ईरान के नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अब हत्याएं और फांसी नहीं होगी। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।
यह बात प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ा झटका थी। कई लोगों ने कहा कि ट्रंप ने उन्हें भरोसा दिलाकर खतरे में डाल दिया और फिर पीछे हट गए। तेहरान के एक कारोबारी ने कहा कि ट्रंप इन मौतों के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि उनके बयान के बाद ही लोग बाहर निकले।
ईरानियों ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार
कई ईरानियों ने कहा कि ट्रंप ने उन्हें 'तोप का चारा' बना दिया। कुछ का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ है। तेहरान की एक महिला ने कहा, "मैंने सारी उम्मीद खो दी है। ट्रंप हमारी परवाह नहीं करते।"
हालात तब और बिगड़ गए जब ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाया और सख्ती जारी रखने की बात कही। इससे प्रदर्शनकारी और हताश हो गए। हालांकि, कुछ लोग मानते हैं कि ट्रंप का पीछे हटना रणनीति हो सकती है। उनका कहना है कि यह ईरान सरकार को भ्रम में रखने की चाल है। लेकिन ज्यादातर लोगों का मानना है कि आंदोलन फिलहाल कमजोर पड चुका है।
