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हूती ड्रोन हमले के बाद सऊदी पर संकट के बादल, बंद रही पाइपलाइन तो जल्द खत्म हो सकता है तेल स्टॉक

Published: Mon, 14 Sep 2026 01:57 PM (IST)

ड्रोन हमलों के कारण सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल पाइपलाइन बंद हो गई है, जिससे निर्यात के लिए उसका तेल स्टॉक कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है।

हूती ड्रोन हमले से सऊदी पर संकट के बादल। (रॉयटर्स)

हूती ड्रोन हमले से सऊदी पर संकट के बादल। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. ड्रोन हमले से सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद हुई।

  2. यानबू पोर्ट पर निर्यात के लिए तेल स्टॉक सीमित।

  3. वैश्विक तेल आपूर्ति का 4% हिस्सा प्रभावित होने की आशंका।

डिजिटल डेस्क, रियाद। अगर सऊदी अरब ड्रोन हमलों से प्रभावित एक बड़ी पाइपलाइन को फिर से शुरू नहीं कर पाता है, तो एक्सपोर्ट के लिए उसका तेल स्टॉक कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है। सऊदी तेल खरीदारों और व्यापारियों का कहना है कि इस नुकसान से ग्लोबल तेल सप्लाई का 4% हिस्सा बाजार से हट सकता है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सऊदी शिपमेंट की जानकारी रखने वाले तीन इंडस्ट्री सूत्रों के हवाले से बताया कि किंगडम के पास रेड सी पोर्ट यानबू पर केवल पांच से सात दिनों तक एक्सपोर्ट जारी रखने के लिए पर्याप्त कच्चा तेल है। अगर पाइपलाइन बंद रहती है तो स्टॉक आखिरकार खत्म हो सकता है।

ड्रोन हमलों के बाद ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद

ड्रोन हमलों से रास्ता क्षतिग्रस्त होने के बाद शुक्रवार को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी गई थी। यह सऊदी के पूर्वी तेल क्षेत्रों से रेड सी पर स्थित यानबू तक कच्चा तेल पहुंचाती है। सऊदी अरब से यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन कितनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है या इसे कब फिर से शुरू किया जा सकता है।

पाइपलाइन को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताए गए सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट की समय-सीमा अलग-अलग हो सकती है। जहां एक ने कहा कि मरम्मत में पांच से छह सप्ताह लग सकते हैं, वहीं दूसरे ने कहा कि पाइपलाइन की मरम्मत जल्द हो सकती है। मरम्मत जारी रहने के दौरान आंशिक रूप से पंपिंग भी शुरू भी हो सकती है। सऊदी अरब के सरकारी मीडिया कार्यालय और ऊर्जा मंत्रालय ने अभी इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण है पाइपलाइन

सऊदी को बढ़ती सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। युद्ध के दौरान यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले 6 महीनों से, इसने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक को होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से बचने में मदद की है।

सऊदी अरब इस रास्ते का इस्तेमाल यानबू तक प्रतिदिन लगभग 4 मिलियन बैरल तेल पहुंचाने के लिए किया है। यह ग्लोबल तेल सप्लाई का लगभग 4 प्रतिशत है। पाइपलाइन बंद होने से अब उस वैकल्पिक रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है।

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