विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका, पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा; अरामको की पाइपलाइन हुई क्षतिग्रस्त

Published: Sat, 12 Sep 2026 02:57 AM (IST)

पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका है जबकि ईरान ने इसके लिए हूती की ...और पढ़ें

सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका, पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा (फोटो- रॉयटर)

सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका, पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. विश्व के दूसरे प्रमुख समुद्री मार्ग पर ईरान का दबाव बढ़ा

  2. सऊदी अरब की अहम तेल पाइपलाइन भी हुई क्षतिग्रस्त

  3. सऊदी लड़ाकू विमानों ने मोचा एयरपोर्ट पर की बमबारी

रॉयटर, अदन। यमन में बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक के पेरिम द्वीप पर ईरान समर्थित हूती लड़ाकों का कब्जा हो गया है। अब हूती लड़ाके चंद नॉटिकल मील की दूरी पर स्थित विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल बाब-अल-मंदेब के आवागमन को कभी भी बाधित करने की स्थिति में आ गए हैं।

पेरिम द्वीप पर हूती का कब्जा सऊदी अरब के लिए बड़ा झटका है जबकि ईरान ने इसके लिए हूती की तारीफ की है। लाल सागर से गुजरने पर लगी रोक के चलते विश्व के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब की आपूर्ति घटकर बीते 30 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है।

इस बीच ईरान ने सऊदी अरब और हूती के बीच वार्ता पर जोर दिया है। कहा है कि सऊदी अरब के निर्यात के लिए लाल सागर का जलमार्ग खुलना चाहिए। पेरिम द्वीप पर हूती के कब्जे से अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध में ईरान का पलड़ा थोड़ा भारी हो गया है।

अमेरिका से युद्ध के बीच तेल व गैस आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन बाधित करने के बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह एक अन्य सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग बाब-अल-मंदेब से भी आवागमन बाधित कर सकता है।

ईरान अब उस स्थिति के करीब पहुंच चुका है। उसके द्वारा समर्थित शिया संगठन हूती के लड़ाकों ने यमन की सरकारी सेना से बीते दो दिनों में लाल सागर के कई अहम रणनीतिक ठिकाने छीन लिए हैं।

इसी के साथ तटवर्ती शहर धुबाब पर भी हूती का कब्जा हो गया है। इससे पहले गुरुवार को हूती ने महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा किया था। शुक्रवार को सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने मोचा शहर के एयरपोर्ट पर बमबारी की है। इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अरामको की पाइपलाइन हुई क्षतिग्रस्त

सऊदी अरब समर्थित सुरक्षा बलों के साथ छिड़ी हूती की लड़ाई में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट आयल पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। उसके ऊपर घना काला धुआं उठता देखा जा रहा है। इस पाइपलाइन से आपूर्ति होने वाला तेल होर्मुज स्ट्रेट के जरिये निर्यात होता है।

विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको इस पाइपलाइन से अपने तेल का निर्यात करती है। शुक्रवार देर रात सऊदी अरब के सरकारी मीडिया ने इस पाइपलाइन से अस्थायी रूप से तेल आपूर्ति बंद किए जाने की जानकारी दी है।

सऊदी अरब का तेल निर्यात 30 वर्षों में सबसे कम हुआ

अगस्त के अंतिम दिनों में सऊदी अरब के साथ टकराव की स्थिति पैदा होने के बाद हूती ने लाल सागर को सऊदी अरब के जहाजों के लिए बंद कर दिया था। इससे होर्मुज स्ट्रेट में आवागमन की मुश्किल झेल रहे सऊदी अरब के लिए अब तेल निर्यात में रुकावट और बढ़ गई है।

इसका असर उसके तेल व्यापार पर पड़ रहा है। ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते सऊदी अरब का तेल निर्यात 60 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर 23 लाख बैरल प्रतिदिन पर आ गया है। अगर होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट, दोनों समुद्री मार्ग बाधित हो जाते हैं तो विश्व में तेल आपूर्ति की स्थिति बिगड़ सकती है और उथल-पुथल मच सकती है।

एमबीएस ने ट्रंप से मांगी सैन्य सहायता

हूती की बढ़ती आक्रामकता और उसके बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के नजदीक पहुंचने से चिंतित सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) ने फोन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर सैन्य सहायता मांगी है।

बताते हैं कि गुरुवार को युवराज की ट्रंप से दो बार बात हुई। ट्रंप ने फिलहाल क्षेत्र में सैन्य हस्तक्षेप से इन्कार किया है लेकिन सऊदी अरब को खुफिया सूचनाएं देने के लिए अमेरिका तैयार हो गया है।

सूत्रों के अनुसार ईरान युद्ध में फंसे होने के कारण ट्रंप पश्चिम एशिया की स्थिति को जटिल नहीं बनाना चाहते हैं। अगर लाल सागर में आवागमन में बाधा आती है तो अमेरिका हूती के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर सकता है।