दुबई, एपी: सऊदी अरब ने गुरुवार को कहा कि वह अगले साल अंतरिक्ष में अपने अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा। इन अंतरिक्ष यात्रियों में देश की एक महिला भी शामिल होगी। तेल पर अपनी निर्भरता घटाने और आर्थिकी को सुधारने के विजन-2030 के तहत सऊदी अरब बेहद सक्रियता से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहा है।

सऊदी अरब ने बढ़ाई महिलाओं की भागीदारी

सऊदी अरब के शक्तिशाली क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुआई में बनी योजना में इस परंपरावादी मुस्लिम देश की महिलाओं की भी व्यापक पैमाने पर हिस्सेदारी का आह्वान किया गया है। उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब ने 2018 में महिलाओं के ड्राइविंग करने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा लिया था। मालूम हो कि अरब से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले व्यक्ति सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान बिन सलमान थे जो क्राउन प्रिंस के सौतेले भाई और वायुसेना के पायलट हैं।

सऊदी अरब में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा

सलमान 1985 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के डिस्कवरी मिशन में चालक दल के सात सदस्यों में से एक थे। बाद में वह 2018 से 2021 तक सऊदी अंतरिक्ष आयोग के प्रमुख रहे। पिछले साल उन्हें किंग सलमान का सलाहकार नियुक्त किया गया था। सऊदी अंतरिक्ष आयोग ने एक बयान में कहा कि, सऊदी अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम, जो कि किंगडम के महत्वाकांक्षी विजन 2030 का एक अभिन्न अंग है, सऊदी अंतरिक्ष यात्रियों को मानवता की बेहतर सेवा में मदद करने के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा। अंतरिक्ष यात्रियों में से एक सऊदी महिला भी होगी, जिसका अंतरिक्ष मिशन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल होगी। वहीं, सऊदी अरब के पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात में अरब दुनिया का प्रमुख अंतरिक्ष कार्यक्रम है। जिसने फरवरी 2021 में मंगल की कक्षा में एक जांच शुरू की है। यूएई ने नवंबर में अपना पहला मून रोवर लॉन्च करने की योजना बनाई है।

Edited By: Amit Singh