लंदन, एजेंसी। वर्षों से खराब चल रहे सऊदी अरब और ईरान के संबंध सुधर सकते हैं। इसके लिए दोनों ही देशों के बीच वार्ता चल रही है। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार ऐसी ही एक बैठक नौ अप्रैल को बगदाद में हुई थी। इस बैठक में सऊदी अरब के सीमावर्ती क्षेत्रों में हाउती विद्रोहियों के हमले पर भी बातचीत हुई। अधिकारियों ने बताया कि वार्ता सकारात्मक रही।

सऊदी ने ट्रंप के परमाणु समझौते से अलग होने का किया था समर्थन

खास बात यह है कि ये खबरें ऐसे समय में आ रही हैं, जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच 2015 के परमाणु समझौते को लेकर वार्ता आगे बढ़ रही है। इसका सऊदी अरब विरोध भी कर चुका है। सऊदी अरब चाहता है कि यमन के संघर्ष पर भी बातचीत हो, जहां ईरान हाउती विद्रोहियों के माध्यम से छद्म युद्ध लड़ रहा है। सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में 2018 में परमाणु समझौते से अलग होने का समर्थन किया था।

सऊदी ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने पर दी थी अपनी सहमति

वर्ष 2008 में दोनों देशों के बीच संबंध इतने तल्‍ख हो गए थे कि सऊदी ने ईरान पर प्रतिबंध लगाने पर भी अपनी सहमति दी थी। इस गुप्त बैठक के बारे में सऊदी अरब ने कोई टिप्पणी नहीं की है और ईरान वार्ता से इन्कार कर रहा है। पिछले सप्ताह सऊदी विदेश मंत्री ने कहा था कि विश्वास बढ़ाने के लिए खाड़ी के अरब देशों से वार्ता हो सकती है।

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