बगदाद, रॉयटर्स। इराक में शुक्रवार को अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए इराकी मिलिशिया नेता अबू महदी अल-मुहांडिस और ईरान समर्थित कुर्द बल के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के लिए हजारों लोग सड़कों पर  इकट्ठा हुए हैं। बताया गया कि बगदाद में जुलूस निकाला जा रहा है। यहां लोग हमले में मारे गए सुलेमानी समेत अन्य लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने सड़कों पर उतरे हैं। लोगों के हाथों में सुलेमानी की तस्वीरें लेकर शोक प्रकट कर रहे हैं। बता दें कि अमेरिका द्वारा बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्‍ट्राइक की गई, जिसमें सुलेमानी की मौत हो गई। अमेरिका ने इसकी पुष्टी भी की।

अमेरिका का ईरान प्रमुख मेजर जनरल पर हमले से मिडिल ईस्‍ट एक बार फिर बुरी तरह से अस्थिर होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के इस हमले में ईरान समर्थित मिलिशिया पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स के डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई है। अमेरिका-ईरान में बीते वर्ष जो तनाव पैदा हुआ था वह नए साल में ऐसी करवट लेगा इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था।

हालात ऐसे नजर आ रहे हैं कि मिडिल ईस्‍ट में एक बार फिर गल्‍फ वार जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जानकार मानते हैं कि यदि लंबे समय तक यही तनाव कायम रहा तो यह स्थिति न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई दूसरे बड़े देशों के लिए भी काफी बुरी होगी।

ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर व्‍यक्ति थे मेजर जनरल कासिम सुलेमानी। उनके द्वारा ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड में शामिल होकर उन्होंने बुलंदियों की सीढ़ियां चढ़ना शुरू किया तो देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के काफी करीब हो गए। साथ में अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत, जो इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज(पीएमएफ) के अर्धसैनिक बलों के ग्रुप के डिप्टी कमांडर थे। वहीं, बताया गया कि पीएमएफ के द्वारा ही इन दोनों समेत अन्य दो के लिए अंतिम संस्कार का इंतजाम किया गया।

सुबह से ही बगदाद की गलियों में लोग एकत्रित होना शुरू हो गए थे। इनके हाथ में इराकी और मिलिशिया झंडे थे। कई इराकियों ने इराकी जमीन पर इस तरह प्रमुखों की हत्या के लिए वाशिंगटन की आलोचना की। वहीं, इसके साथ उम्मीद जताई कि इससे इराक एक और युद्ध की तरफ बढ़ रहा है।

आपको बता दें कि बीते दिनों ईरानी मिलिशियन के समर्थकों ने बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला बोल दिया था। प्रदर्शनकारी परिसर में घुस गए थे और दूतावास के गेट और खिड़कियों को तोड़ दिया था। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास के गेट पर आग लगा दी थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैसे के गोले छोड़ने पड़े थे। बताया जाता है कि प्रदर्शनकारी पूर्व में हुए अमेरिकी एयर स्‍ट्राइक से नाराज थे जिसमें 25 कुर्द लड़कों की मौत हो गई थी।

अमेरिका की जवाबी एयर स्ट्राइक

रिपोर्टों में कहा गया है कि सुलेमानी का काफिला बगदाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था तभी एक रॉकेट हमले की जद में आ गया। हमले में ईरान अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमले में कुल आठ लोगों की मौत हुई। सुलेमानी पश्चिम एशिया में ईरानी गतिविधियों को चलाने के प्रमुख रणनीतिकार थे। सुलेमानी पर इजरायल में भी रॉकेट हमलों को अंजाम देने का आरोप था। व्‍हाइट हाउस का कहना था कि जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की योजना बना रहा था।

ईरान बोला- फिर हुई एयर स्‍ट्राइक, लेकिन अमेरिका ने किया मना

अमेरिका ने बगदाद के ताजी इलाके में दूसरी एयर स्‍ट्राइक की घटना से इनकार किया है। शनिवार सुबह ऐसी खबरें थीं कि अमेरिका ने ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर नेता एवं शीर्ष कुद्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने के एक दिन बाद बगदाद में फ‍िर एयर स्‍ट्राइक की, जिसमें एक कमांडर समेत छह लोग मारे गए हैं। दूसरी एयर स्‍ट्राइक में मारे गए लोग भी ईरान समर्थक मिलिशिया हश्‍द अल-शाबी के बताए गए थे।

हालांकि, अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन बल के प्रवक्‍त ने ट्वीट कर कहा कि उत्‍तरी बगदाद के ताजी इलाके में हालिया दिनों में कोई एयरस्‍ट्राइक नहीं की गई है। यहां आपको बता दें कि मिलिशिया हश्‍द अल-शाबी ईरान समर्थक पापुलर मोबलाइजेशन फोर्सेस का दूसरा नाम है।

Posted By: Nitin Arora

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