इजरायल में सरकार गठन का रास्ता जल्द होगा साफ, अब राष्ट्रपति करेंगे चर्चा
इजरायल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन और उनके विरोधी पूर्व सेना प्रमुख गादी ...और पढ़ें

इजरायल में सरकार गठन के लिए अब राष्ट्रपति करेंगे चर्चा
HighLights
विजयी प्रत्याशियों की सूची राष्ट्रपति हरजोग को मिली, स्वीकृति
अरब दलों का सहयोग लेने से हिचक रहा मध्यमार्गी गठबंधन
अमेरिका में ट्रंप की हार से विपक्षी नेताओं को अलगाव का डर
एपी, यरुशलम। इजरायल में राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई विजयी उम्मीदवारों की सूची को स्वीकार कर लिया। अब वह नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों और गठबंधन के नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे।
इजरायल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन और उनके विरोधी पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले मध्यमार्गी गठबंधन में से किसी को सरकार बनाने लायक बहुमत नहीं मिला है।
अरब पार्टियों के गठबंधन को 19 सीटें मिली हैं और वे मध्यमार्गी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने के लिए तैयार हैं लेकिन यहूदी मतदाताओं की नाराजगी की आशंका से मध्यमार्गी नेता फिलहाल उनसे दूरी बनाए हुए हैं।
राष्ट्रपति हरजोग ने हफ्ते भर के राजनीतिक दलों के असमंजस को भांपते हुए मिली-जुली राष्ट्रीय सरकार बनाने का सुझाव दिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उनके इस सुझाव का समर्थन भी किया है लेकिन मध्यमार्गी गठबंधन और अरब पार्टियां इसके लिए तैयार नहीं हैं।
इस बीच राष्ट्रपति को विजयी उम्मीदवारों की सूची देने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें अपनी जांच में चुनाव प्रक्रिया में धोखाधड़ी का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
जबकि इजरायल की आंतरिक मामलों की खुफिया एजेंसी शिन बेट ने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का सबूत मिलने की बात कही है। लेकिन सरकार विरोधी दलों ने इस दावे को खारिज कर दिया है और शिन बेट को नेतन्याहू का वफादार संगठन करार दिया है।
विदित हो कि चुनाव में गड़बड़ी होने और उसमें विदेशी धन का इस्तेमाल होने का आरोप नेतन्याहू ने मतगणना में अरब पार्टियों को ज्यादा सीटें मिलने के बाद लगाया था।
एएनआई के अनुसार इजरायली डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता याइर गोलान ने अमेरिका में सत्ता का संतुलन बदलने का असर पश्चिम एशिया पर भी पड़ने के आसार जताए हैं।
उन्होंने नेतन्याहू को जहरीला इंसान बताते हुए उन्हें अतिशीघ्र देश की राजनीति से अलग करने की जरूरत बताई है। कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजे से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के अलग-थलग पड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
जबकि पूर्व प्रधानमंत्री व विपक्ष के नेता याइर लैपिड ने अमेरिकी आर्थिक सहायता रुकने को देश की राजनीतिक और सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
करीब चार अरब डॉलर प्रतिवर्ष की सहायता रुकने का असर इजरायल के सुरक्षा तंत्र पर पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह निर्णय प्रधानमंत्री नेतन्याहू की नाकामी का सुबूत है। विदित हो कि ट्रंप ने इजरायल को आर्थिक मदद रोकने की घोषणा मंगलवार को की थी।
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