'मैं इस तरह नहीं मर सकता', पायलट स्मित मच्छर ने फ्लाईदुबई कांड के खौफनाक पल को किया याद
फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने ओमान के को-पायलट द्वारा हमले के खौफनाक अनुभव को याद किया, जब उन्हें लगा कि वे शायद बच नहीं पाएंगे।

स्मित मच्छर ने फ्लाईदुबई कांड के खौफनाक पल को किया याद।
HighLights
कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई हमले का अनुभव बताया।
को-पायलट ने कॉकपिट में उन पर हमला किया था।
विमान सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतरा।
डिजिटल डेस्क, दुबई। फ्लाईदुबई की एक में ओमान के अपने को-पायलट के हमले से बाल-बाल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने उस खौफनाक अनुभव को याद किया, जब उन्हें लगा कि शायद ने बच नहीं पाएंगे।
' स्काई न्यूज अरबिया' द्वारा जारी किए गए टीजर में, जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई ऐसा पल था, जब उन्हें लगा कि वे बच नहीं पाएंगे, तो मच्छर ने बताया कि उन्होंने खुद से कहा कि बहुत देर होने से पहले उन्हें कुछ करना होगा।
'स्मित कुछ करो, तुम इस तरह नहीं मर सकते'
उन्होंने कहा, 'मैं अब इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन हां, एक पर ऐसा आया था जब मुझे एहसास हुआ और मैंने खुद से कहा- स्मित कुछ करो। तुम इस तरह नहीं मर सकते।'
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद क्या देखा?
उन्होंने उस पल का जिक्र करते हुए कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि मैंने अपनी मौत मान ली थी। बस ऐसा लगा कि कुछ करना होगा। मच्छर ने कॉपपिट का दरवाजा खुलने के बाद के नजारे को भी याद किया, जहां चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी और लोग चीख-चिल्ला रहे थे।
उन्होंने बताया कि मुझे याद है कि मुंह के बल गिरा हुआ था और वहां भारी अफरा-तफरी थी, लोग चीख-चिल्ला रहे थे।
उन्होंने उस साथी पायलट की तारीफ की जिन्होंने संकट के समय विमान का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया। मच्छार ने उनके इस कदम को सराहनीय बताया और कहा कि यह एक ऐसी बात है जिसे मैं जीवन भर याद रखूंगा।
को-पायलट ने किया स्मित मच्छर पर हमला
यह इंटरव्यू 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना के कुछ हफ्तों बाद सामने आया है, जो दुबई से तेज अवीव जा रही थी। आरोप है कि कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन पर ओमान के उनके को-पायलट, हमाम अल-हम्मामी ने हमला कर दिया था।
चोटिल होने के बावजूद, मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री अंदर आ सके और हमलावर को काबू में कर लिया। विमान की ऊंचाई अचानक काफी कम हो गई थी, लेकिन बाद में उसे नियंत्रित कर लिया गया और सऊदी अरब के तबुक की ओर से मोड़ दिया गया, जहां वह सुरक्षित उतर गया।
