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No Toll... 'होर्मुज पार करने के लिए कोई टोल नहीं', ओमान ने ईरान की मांग का किया विरोध

Published: Wed, 08 Apr 2026 05:00 PM (IST)

ईरान ने 10-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने की मांग की है। ...और पढ़ें

HighLights

  1. ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल मांगा।

  2. ओमान ने ईरान के टोल प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

  3. टोल राशि युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए बताई गई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा हो गई है। इसके लिए ईरान की तरफ से 10-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने का प्रविधान रखा गया है।

ओमान ने ईरान की इस मांग का विरोध किया और कहा, 'होर्मुज पार करने के लिए कोई टोल नहीं लगाया जा सकता।'

होर्मुज पर नहीं लगेगा कोई टोल- ओमान

ओमान के परिवहन मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल फुतैसी के अनुसार, सल्तनत ने ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जो इस बात की गारंटी देते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाजों पर कोई फीस नहीं लगाई जाएगी।

मंत्री ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के प्रति ओमान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

ईरान और ओमान के बीच 34 Km चौड़ा जलमार्ग

ईरान और ओमान के बीच 34 किलोमीटर चौड़ा यह जलमार्ग दोनों देशों के बीच का बॉर्डर है। पहले के समय में दोनों देशों में से किसी ने भी इस जलमार्ग पर कोई टोल नहीं लगाया। फारसी खाड़ी का यह संकरा मुहाना दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल व्यापार का मार्ग प्रशस्त करता है।

ईरान ने इस जलमार्ग पर टोल लगाने की वजह भी बताई है। ईरान का कहना है कि टोल से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण कार्यों में किया जाएगा, क्योंकि इस युद्ध के कारण देश के रक्षा, प्रशासनिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हुआ है।

ईरान के प्रस्ताव की बड़ी डिमांड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि ईरान चाहता है कि 28 फरवरी को उसके नेतृत्व पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुए इस युद्ध में किसी भी स्थायी शांति समझौते के तहत तेहरान को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजो से टोल लेने की इजाजत मिले।

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने पिछले हफ्ते कहा था कि तेहरान, ओमान के साथ मिलकर एक ऐसा प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है, जिसके तहत जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने के लिए परमिट और लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

काजेम गरीबाबादी ने आगे कहा कि इस कदम का उद्देश्य आवागमन को प्रतिबंधित करना नहीं, बल्कि उसे सुगम बनाना है।

ओमान ने काजेम गरीबाबादी के बयान के बाद कहा था कि उसने आवागमन सुनिश्चित करने के विकल्पों पर ईरान के साथ बातचीत की है, लेकिन उसने यह नहीं बताया था कि क्या कोई समझौता हुआ है या नहीं।

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