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ईरान-अमेरिका सीजफायर: यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज...प्रस्तावों में विरोधाभास, अब आगे क्या होगा?

Published: Wed, 08 Apr 2026 04:43 PM (IST)

अमेरिका और ईरान दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए हैं, लेकिन प्रस्तावों में विरोधाभास सामने आए हैं। ईरान होर्मुज ...और पढ़ें

HighLights

  1. अमेरिका-ईरान दो हफ्ते के सीजफायर पर हुए सहमत।

  2. ईरान यूरेनियम संवर्धन व होर्मुज नियंत्रण पर अड़ा।

  3. ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को बताया 'धोखाधड़ी'।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान, दोनों ही देश इस युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। बीते पांच हफ्तों से यह युद्ध पूरे मिडिल ईस्ट में फैला हुआ था, जिससे ग्लोबल इकोनॉमी और एनर्जी सप्लाई में रुकावट आ रही थी।

लेकिन जल्द ही इस बात पर सवाल उठने लगे कि लड़ाई रोकने वाले जो प्रस्ताव सामने आए थे, वे एक-दूसरे के विरोधाभासी लग रहे थे। ईरान का कहना था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को नियंत्रित करेगा, उनसे शुल्क लेगा और यूरेनियम का संवर्धन जारी रखेगा।

ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की यह मांग संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किए गए तेहरान के अंग्रेजी बयान में शामिल नहीं थी, लेकिन ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा जारी किए गए फारसी बयान में यह बात शामिल थी। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों के बीच संचार में शायद कोई कमी रह गई थी।

ट्रंप ने शुरुआत में ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव को कामचलाऊ बताया था, लेकिन जल्द ही बिना कोई बात कहे इसे धोखाधड़ी करार दे दिया। अमेरिका के कमांडर इन चीफ ने जोर देकर कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा और यह भी संकेत दिया कि अमेरिका युद्धपोत उस संकरे जलमार्ग के आस-पास ही मंडराते रहेंगे, जिस जलमार्ग से शांति के समय दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है।

ईरान के यूरेनियम का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा- ट्रंप

ईरान के मौजूदा समझौते के तहत, इस युद्ध में अमेरिका के कई उद्देश्य अभी भी अनिश्चितता के घेरे में हैं। ईरान के संवर्धित यूरेनियम का क्या होगा, जो उसके परमाणु हथियार कार्यक्रम की नींव है, इस बारे में अभी भी कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा ईरान का अभी भी लेबनान में हिज्बुल्लाह और यमन में हूथी विद्रोहियों जैसे क्षेत्रीय गुटों पर प्रभाव बना हुआ है।

लड़ाई खत्म करने की अपनी शर्तों को लेकर ट्रंप का रुख एक जैसा नहीं रहा है। वे अक्सर अपनी कड़ी मांगों से पीछे हटते रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा यही कहा कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना ही इस युद्ध में शामिल होने का मु्ख्य उद्देश्य था।

समाचार एजेंसी AFP से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के यूरेनियम का "पूरी तरह से ध्यान रखा जाएगा, वरना मैं यह समझौता नहीं करता।"

ईरान के होर्मुज प्रस्ताव पर ट्रंप ने क्या कहा?

ईरान के होर्मुज प्रस्ताव पर ट्रंप ने कहा कि हमारे पास कई मुद्दे हैं। हमारे पास 15 सूत्रीय समझौता है, जिसमें से ज्यादातर बातों पर सहमति बन चुकी है। हम देखेंगे कि क्या होता है। हम देखेंगे कि क्या यह मंजिल तक पहुंच पाता है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में आस-पास ही बना रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब कुछ ठीक ठाक चले।

ईरान का प्रस्ताव

तेहरान ने कहा है कि उसने अमेरिका को अपनी 10 सूत्रीय योजना को स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया है, जिसमें प्रतिबंध हटाना और उसके परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को स्वीकार करना शामिल है।

ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि इस संघर्ष विराम योजना के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का लगातार नियंत्रण, परमाणु संवर्धन की स्वीकृति और सभी प्रकार के प्रतिबंधों को हटाना जरूरी होगा।

पाकिस्तान में मध्यस्थों के जरिए पेश की गई इस योजना में अन्य अहम मांगों में मिडिल-ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी, ईरान और उसके सहयोगियों पर हमलों को रोकना, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी करना और यूएनएससी का एक प्रस्ताव शामिल है किसी भी समझौते को बाध्यकारी बनाए। सबसे अहम बात यह है कि यह योजना होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण को और ज्यादा बढ़ाने की मांग भी कर सकती है।

ईरान के पास कितना यूरेनियम?

माना जाता है कि इस समय ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60 प्रतिशत कर संवर्धित किया जा चुका है। यह वह स्तर है, जिसके बाद परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचना बहुत तेज हो जाता है। ईरान के पास जितनी मात्रा में यूरेनियम है, वह सैद्धांतिक रूप से 10 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने के लिए काफी है।

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