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सऊदी अरब में बिगड़े हालात, तेल दिग्गज कंपनी अरामको ने कर्मचारियों को मुख्यालय खाली करने को कहा; तनाव बढ़ा

Published: Fri, 23 Oct 2026 02:00 AM (IST)

सऊदी अरब की तेल दिग्गज कंपनी अरामको ने गुरुवार को अपने मुख्यालय से बाकी बचे कर्मचारियों को भी खाली करने ...और पढ़ें

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब में व्यापक व्यवधान पैदा हो गया है

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब में व्यापक व्यवधान पैदा हो गया है

HighLights

  1. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब में व्यापक व्यवधान पैदा हो गया है

  2.  रियाद एयरपोर्ट कई दिनों तक बंद रहा और एक बड़े निवेश सम्मेलन को टालना पड़ा

डिजिटल डेस्क, रियाद। सऊदी अरब की तेल दिग्गज कंपनी अरामको ने गुरुवार को अपने मुख्यालय से बाकी बचे कर्मचारियों को भी खाली करने का आदेश दिया है। एएफपी को दो सूत्रों ने यह जानकारी दी। पूर्वी सऊदी अरब स्थित मुख्यालय पर पिछले हफ्ते हुए हमले के बाद गैर-जरूरी कर्मचारी पहले से ही घर से काम कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, अब बाकी कर्मचारियों को भी अगले आदेश तक घर से काम करने को कहा गया है। एक सूत्र ने कहा कि कर्मचारियों के लिए इवैक्यूएशन ऑर्डर जारी किया गया, कोई खास वजह नहीं बताई गई। आवासीय इलाकों को बंद या खाली नहीं किया गया है।

यह आदेश दमाम्म एयरपोर्ट पर देर रात हुए हमले के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और आठ घायल हुए।

हूती हमलों का असर
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब में व्यापक व्यवधान पैदा हो गया है। रियाद एयरपोर्ट कई दिनों तक बंद रहा और एक बड़े निवेश सम्मेलन को टालना पड़ा। पिछले बुधवार को हूतियों ने अरामको मुख्यालय को निशाना बनाने का दावा किया था।

सऊदी अधिकारियों ने कहा कि अरामको के ऑपरेशंस सेंटर वाले इलाके में एक इमारत पर हमला हुआ। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि टावर की ऊपरी तीन मंजिलें नष्ट हो गईं।

हाल के हफ्तों में सऊदी नागरिक बुनियादी ढांचे, खासकर तेल सुविधाओं और एयरपोर्ट्स पर हूती हमले अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं।

इस महीने एयरपोर्ट्स पर हमलों में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को सऊदी अरब ने रियाद और पवित्र शहर मदीना के इलाकों में चार ड्रोन को मार गिराने का दावा किया।

ये हमले जुलाई में यमन गृहयुद्ध में सालों पुराने युद्धविराम के टूटने के बाद शुरू हुए। हूतियों ने सऊदी अरब की समुद्री नाकाबंदी घोषित की और जहाजों, इलाकों तथा तेल सुविधाओं पर हमले शुरू कर दिए।

सितंबर में उन्होंने लाल सागर तट पर यमन सरकार के इलाकों पर बड़ा हमला बोलकर कब्जा कर लिया। जवाब में सऊदी वायुसेना हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर नियमित हमले कर रही है।