कहां हैं मोजतबा खामेनेई? 23 दिनों से नजर नहीं आए नए ईरानी सुप्रीम लीडर, किसके हाथ सत्ता का कंट्रोल
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से सार्वजनिक रूप से ...और पढ़ें

मोजतबा खामेनेई की तलाश कर रही जांच एजेंसियां (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से दुनिया की नजर में नहीं आए हैं। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ मोजतबा की पत्नी और बेटे की मौत भी हो गई थी।
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की खुफिया एजेंसियों के पास इस बात के सबूत हैं कि मोजतबा जीवित हैं।
नए साल पर भी सामने नहीं आए मोजतबा
CIA और मोसाद सहित दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां शुक्रवार, 20 मार्च को इस बात का इंतजार कर रही थीं कि क्या मोजतबा अपने पिता की परंपरा का पालन करते हुए फारसी नववर्ष 'नौरोज' के मौके पर कोई संबोधन देंगे।
मोजतबा के टेलीग्राम चैनल पर नए साल के मौके पर एक लिखित संदेश और उनकी कुछ तस्वीरें प्रकाशित हुईं। इस पर एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि CIA यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे तस्वीरें हाल की हैं।
अधिकारी ने कहा कि अपनी सुरक्षा को लेकर खतरों के बावजूद, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नौरोज के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया।
अधिकारी ने आगे कहा, 'हमें उम्मीद थी कि मोजतबा भी किसी न किसी रूप में सामने आएंगे। उन्होंने इस अवसर और परंपरा का लाभ नहीं उठाया। यह एक बहुत बड़े खतरे का संकेत है।'
जिंदा हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा का सार्वजनिक नजर से दूर रहना अभी भी एक रहस्य बना हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी वजह सुरक्षा संबंधी चिंताएं हो सकती हैं।
तेल अवीव स्थित 'इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज' में ईरान कार्यक्रम के निदेशक राज जिम्ट ने एक्सियोस को बताया, 'इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मोजतबा काम नहीं कर रहे हैं, हालांकि चोटों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उनके लिए अपनी पूरी सत्ता का इस्तेमाल करना मुश्किल हो रहा है।'
राज जिम्ट ने कहा, 'मौजूदा असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए, उनसे सार्वजनिक रूप से सामने आने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। यह भी संभव है कि उनकी चोट उन्हें कोई रिकॉर्डेड वीडियो जारी करने की भी अनुमति न दे रही हो, ताकि जनता को उनकी स्थिति की गंभीरता का पता न चल सके।'
