खामेनेई के घर पर मिसाइल अटैक... इजरायल-अमेरिका के हमलों से दहला ईरान, एयरस्ट्राइक के विजुअल जारी
अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े हवाई हमले किए, जिसमें सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालयों को निशाना बनाया गया।
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अमेरिका-इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला खामेनेई का ठिकाना बना निशाना (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इजरायल के सरकारी प्रसारक के मुताबिक इन हमलों का निशाना ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी थे।
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार शुरुआती हमले खामेनेई के दफ्तरों के पास किए गए। हालांकि रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 86 वर्षीय खामेनेई उस समय तेहरान में मौजूद नहीं थे और उन्हें पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
ईरान की सरकारी एजेंसी इरना ने दावा किया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। इरना ने टेलीग्राम पोस्ट में कहा कि हमलों के बावजूद राष्ट्रपति को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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तेहरान से लेकर इजरायल तक मिसाइलों की बौछार
हमलों के बाद ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमले शुरू हो गए। इजरायल ने कहा कि उसने अमेरिका की मदद से तेहरान पर 'पूर्व-निरोधक हमला' किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं।
इजरायली सेना ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की ओर से एक और मिसाइलों की खेप इजरायल की तरफ छोड़ी गई। हालात तेजी से बिगड़ते दिखे और दोनों देशों के बीच सीधा टकराव बढ़ गया। इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों में भी देखने को मिला। बहरीन में आपातकालीन सायरन बजे, जहां अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय है। वहां मिसाइल खतरे की चेतावनी जारी की गई।
खाड़ी देशों में भी धमाकों की गूंज
संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई, कतर की दोहा और सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन सभी शहरों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस पर यूएई और अमेरिकी वायुसेना साथ काम करती हैं। दुबई का जेबेल अली पोर्ट मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना का सबसे बड़ा ठिकाना है। दोहा का अल उदीद एयर बेस अमेरिकी सेंट्रल कमांड का फॉरवर्ड मुख्यालय है। सऊदी अरब में रियाद से करीब 60 किलोमीटर दूर प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
कतर ने कहा कि उसने अपने ऊपर हुए हमलों को सफलतापूर्वक रोक लिया। गृह मंत्रालय के अनुसार किसी तरह का नुकसान या जनहानि नहीं हुई है। वहीं सऊदी अरब ने ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया और “गंभीर परिणाम” की चेतावनी दी।
इजरायल ने जारी किए हमले के वीडियो
इस बीच इजरायली वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमलों के पहले वीडियो जारी किए। वीडियो में मिसाइल लॉन्चर समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते दिखाया गया है। इजरायली वायुसेना ने कहा कि पश्चिमी ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमला किया गया। साथ ही यह भी बताया कि ईरान से इजरायल की ओर आने वाले खतरों को रोकने के लिए उनकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय है।
תיעודים ראשונים ממבצע "שאגת הארי":
— Israeli Air Force (@IAFsite) February 28, 2026
צה"ל במבצע תקיפות רחב היקף בו הותקפו מאות מטרות במערב איראן
במסגרת מבצע "שאגת הארי", חיל-האוויר תקף מאות מטרות צבאיות, בהן משגרים של משטר הטרור האיראני במערב איראן.
במקביל לתקיפות חיל האוויר באיראן, מערך ההגנה האווירית פועל ליירט איומים… pic.twitter.com/FgnoFIJMXm
कई महीनों से चेतावनी देने के बाद आखिरकार अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ यह बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
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