अमेरिका-इजरायल ने मिडिल ईस्ट में मचाया हाहाकर, मिसाइल हमलों से दहला ईरान; कैसा दिख रहा एयरस्पेस?
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्र में बड़ा सैन्य तनाव पैदा हो गया है।
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ईरान पर इजरायल-अमेरिका के मिसाइल हमले तेहरान और तेल अवीव का एयरस्पेस बंद (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
HighLights
अमेरिका-इजरायल ने तेहरान पर 'प्री-एम्प्टिव' मिसाइल हमले किए।
हमलों के बाद ईरान और इजरायल ने हवाई क्षेत्र बंद किया।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तनाव और गहराया, युद्ध का खतरा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़ा सैन्य तनाव पैदा हो गया है। शनिवार सुबह इजरायल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान के कुछ हिस्सों पर 'प्री-एम्प्टिव' यानी पहले से योजना बनाकर मिसाइल हमले किए। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए और दोनों देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
तेहरान ने हमले के तुरंत बाद अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिसके कारण ईरान के ऊपर से गुजरने वाली नागरिक उड़ानों का रास्ता बदलना पड़ा। हमले तेहरान के उन इलाकों में भी हुए जो ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के दफ्तर के पास बताए जा रहे हैं।
UAE ने एयरस्पेस किया बंद
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने UAE के एयरस्पेस को कुछ समय के लिए बंद करने का एलान किया है। यह एक खास एहतियाती कदम है, जिसका मकसद तेजी से बदल रहे इलाके के सुरक्षा हालात के बीच फ्लाइट्स और एयरक्रू की सुरक्षा पक्की करना और UAE के इलाके की सुरक्षा करना है।
कतर एयरवेज ने रोकी अपनी फ्लाइट्स
कतर एयरवेज की फ्लाइट्स कुछ समय के लिए रोक दी गई हैं, क्योंकि कतर का एयरस्पेस बंद है। कतर एयरवेज ग्रुप ने कन्फर्म किया है कि कतर का एयरस्पेस बंद होने की वजह से दोहा आने-जाने वाली उसकी फ्लाइट्स कुछ समय के लिए रोक दी गई हैं।
एयरलाइन प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए सरकारी स्टेकहोल्डर्स और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है और एयरस्पेस के फिर से खुलने पर ऑपरेशन फिर से शुरू कर देगी। जब नॉर्मल ऑपरेशन फिर से शुरू होंगे, तो हमें अपने फ्लाइट शेड्यूल में देरी होने की उम्मीद है।
Airspaces currently closed (9:55 UTC)
— Flightradar24 (@flightradar24) February 28, 2026
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इजरायल में सायरन
हमलों के बाद इजरायल की राजधानी तेल अवीव में सायरन बजाए गए। इजरायल संभावित जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है। इजरायल ने भी अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
रॉयटर्स के अनुसार, इजरायल के एक अज्ञात रक्षा अधिकारी ने बताया कि इन हमलों की योजना कई महीनों से बनाई जा रही थी। इससे साफ है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं थी, बल्कि पहले से तय रणनीति का हिस्सा थी। इस हमले ने वेस्ट एशिया को एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर धकेल दिया है और कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कमजोर कर दी हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका-ईरान में टकराव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप लंबे समय से ईरान पर अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह रोकने का दबाव बना रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान स्थायी गारंटी दे कि वह अपने परमाणु भंडार को हथियार बनाने लायक स्तर तक समृद्ध नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति देगा।
ईरान ने हमेशा की तरह परमाणु हथियार बनाने के इरादे से इनकार किया है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नागरिक उपयोग के लिए है। हालांकि उसने यह भी कहा है कि वह प्रतिबंध हटाने के बदले कुछ सीमाओं पर चर्चा के लिए तैयार है।
इजरायल का रुख और सख्त है। उसका कहना है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उसके परमाणु ढांचे को पूरी तरह खत्म करना जरूरी होना चाहिए। इसी मुद्दे पर ईरान और अमेरिका के बीच फरवरी में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई।
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बातचीत नाकाम
हमले से कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह बातचीत से खुश नहीं हैं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया था कि वह समझौते के लिए बातचीत को थोड़ा और समय देना चाहते हैं ताकि वेस्ट एशिया में एक और युद्ध टाला जा सके।
इसके बावजूद अमेरिका ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी थी। इसमें बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात किए गए थे, ताकि ईरान पर परमाणु समझौते के लिए दबाव बनाया जा सके। अब इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल है।
