और विध्वंसक हुआ पश्चिम एशिया का महासंग्राम, लेबनान और खाड़ी देशों तक फैला ईरान युद्ध
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हवाई युद्ध लेबनान व खाड़ी देशों तक फैल गया है। हिजबुल्ला के ...और पढ़ें

विध्वंसक हुआ पश्चिम एशिया का महासंग्राम। (रॉयटर्स)
HighLights
ईरान-इजरायल युद्ध लेबनान और खाड़ी देशों तक फैला।
कुवैत ने गलती से अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया।
तेल टैंकर पर हमले में एक भारतीय की मौत हुई।
जागरण न्यूज, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी हवाई युद्ध सोमवार को और व्यापक हो गया तथा संघर्ष लेबनान और खाड़ी देशों तक फैल गया।
हिजबुल्ला द्वारा इजरायल पर हमलों के बाद इजरायल ने लेबनान में जवाबी हवाई कार्रवाई शुरू की, जबकि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र और साइप्रस स्थित ब्रिटिश सैन्य अड्डे तक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस बीच कुवैत ने ईरानी हमले के दौरान गलती से तीन अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमानों को मार गिराया, हालांकि सभी छह चालक दल सुरक्षित बचा लिए गए।
हमले में अब तक 555 ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं। अमेरिका ने दावा किया कि ईरान के 130 शहरों पर 1000 से ज्यादा हमले किए गए। वहीं इजरायल में 11 और लेबनान में 31 लोग मारे गए हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि उसके नतांज परमाणु प्रतिष्ठान पर हमला किया गया, जिसका अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसी ने खंडन किया।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी। पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के चलते हजारों उड़ानें ठप रहीं, जिससे बड़ी संख्या में लोग जहां के तहां फंसे रहे।
होर्मुज में ईरान की पाबंदी के चलते सैकड़ों तेल टैंकर खड़े हैं। ओमान ने कहा कि मस्कट के पास ड्रोन बोट के हमले में एक तेल टैंकर को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक भारतीय की मौत हो गई। इस टैंकर पर कुल 16 भारतीय कर्मचारी मौजूद थे। टैंकर पर सवार दो लोग लापता बताए गए हैं, जिसमें एक भारतीय भी माना जा रहा है। एक अन्य घटना में एक चीनी नागरिक की मौत हुई है।
रॉयटर्स के अनुसार, सोमवार को ईरान के समर्थन में लेबनान स्थित आतंकी समूह हिजबुल्ला भी इस संघर्ष में कूद पड़ा। उसने सालभर बाद इजरायल पर मिसाइल और राकेटों से हमले किए। इसके बाद इजरायल ने बेरूत समेत लेबनान पर हवाई हमले शुरू कर दिए। लेबनान ने हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया।
इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना को निशाना बनाते हुए हमला किया। इससे पहले उत्तरी इराक में स्थित इर्बिल में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया गया था।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ईरान ने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए साइप्रस में स्थित ब्रिटिश वायु सेना के अड्डे को निशाना बनाते हुए तीन ड्रोन हमले किए। एयरबेस पर हमले के बाद ब्रिटेन ने कहा कि इस हमले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। माना जा रहा है कि जल्दी ही ईरान ने हमले नहीं रोके तो ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भी अमेरिका के साथ शामिल हो सकते हैं। राडार पर संदिग्ध वस्तु नजर आने पर साइप्रस के पाफोस हवाई अड्डे को आनन फानन खाली कराया गया।
साइप्रस पर हमले को देखते हुए ग्रीस ने अपने दो फ्रिगेट और दो लड़ाकू विमान साइप्रस भेजे हैं। फ्रिगेट पर ड्रोन रोधी प्रणाली तैनात है। सोमवार को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स (आइआरजीसी) ने इजरायल पर नए हमलों की घोषणा की।
आइआरजीसी अपने अभियान को 'आपरेशन ट्रू प्रोमिस' नाम दिया है। ईरान ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को भी निशाना बनाया। बचाव सेवाओं ने पुष्टि की कि इजरायल में तमाम ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। इसमें यरुशलम और बेत शेमेश शामिल हैं।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी हमला किया। वहां से आग और धुआं उठता देखा गया। दोहा और दुबई में भी धमाके सुने गए। अरब देशों ने आरोप लगाया है कि ईरान नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है। सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम में स्थित आरामको कंपनी के रास तनुरा तेल रिफायनरी पर भी ड्रोन से हमला हुआ है। यहां पर रोज पांच लाख बैरल कच्चा तेल शोधित होता है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि हमले के बाद यहां छोटे से हिस्से में आग लग गई। रिफायनरी को बंद कर दिया गया है। कुवैत में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया, जिसका मलबा अहमदी तेल रिफायनरी पर गिरा। इसमें दो कर्मचारी घायल हो गए। दुबई और यूएई के समहा और कतर के दोहा में भी उच्च तीव्रता के धमाके सुने गए। बहरीन के सलमान पोर्ट को भी ईरानी मिसाइल हमले में नुकसान पहुंचा है। इस पोर्ट का ज्यादातर इस्तेमाल अमेरिका हथियारों के परिवहन में करता है।
ट्रंप का दावा, चार हफ्ते चलेगा संघर्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान पर हमले की नई लहर जल्दी आनेवाली है। उन्होंने कहा कि हमने अब तक बेहद कठोर हमले किए हैं। ईरान के खिलाफ अभियान चार हफ्ते तक चल सकता है। आपरेशन एपिक फ्यूरी तब तक पूरी ताकत से जारी रहेगा जब तक सभी सैन्य लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते।
ट्रंप ने दावा किया कि हमले में खामेनेई के संभावित उत्तराधिकारी की भी मौत हुई है। इजरायल ने दावा किया है कि तेहरान के हवाई स्पेस पर उसका कब्जा हो गया है और वह तेहरान में खुफिया, सुरक्षा और सैन्य कमान सेंटरों को निशाना बना रहा है। इजरायल के उत्तरी कमान प्रमुख मेजर जनरल राफी मिलो ने कहा कि हमले जारी हैं और इनकी तीव्रता बढ़ती जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटों में हमलों की नई श्रृंखला शुरू की जाएगी।
अमेरिका से कोई बात नहीं होगी: लारिजानी
एएनआइ के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने स्पष्ट किया है कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान उन खबरों के जवाब में दिया, जिनमें ओमान की मध्यस्थता से वा¨शगटन के साथ बातचीत फिर शुरू होने की संभावना जताई गई थी।
लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और अमेरिकी सैनिकों को अनावश्यक संघर्ष में झोंक दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने संघर्ष की शुरुआत नहीं की, बल्कि अपनी रक्षा कर रहा है।
इस बीच, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद गठित अंतरिम नेतृत्व परिषद की दूसरी बैठक राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और न्यायपालिका प्रमुख की मौजूदगी में हुई। यह परिषद नए सर्वोच्च नेता के चयन तक देश का संचालन करेगी।
