विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मिडिल ईस्ट युद्ध का 101वां दिन: ईरान-इजरायल ने एक दूसरे पर किए हमले, ट्रंप ने की सीजफायर की अपील

Published: Mon, 08 Jun 2026 11:40 PM (IST)

पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल ने 101वें दिन एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और तेल बाजार में हलचल देखी गई।

मिडिल ईस्ट युद्ध का 101वां दिन (जागरण)

मिडिल ईस्ट युद्ध का 101वां दिन (जागरण)

HighLights

  1. ईरान और इजरायल ने एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किए।

  2. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अपील पर युद्धविराम की घोषणा।

  3. लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर ईरान की चेतावनी।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के 101वें दिन पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात गंभीर हो गए।

लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर ईरान ने इजरायल पर करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके जवाब में इजरायल ने भी ईरान के कई ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमले किए।

दोनों देशों की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और तेल बाजार में भी हलचल देखी गई। ईरानी हमलों के बाद इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

वहीं इजरायल ने दावा किया कि उसने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचाया है और एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को भी निशाना बनाया है।

ट्रंप ने ईरान-इजरायल से की हमला रोकने की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अपील के बाद दोनों पक्षों ने हमले रोकने की घोषणा की। हालांकि ईरान ने चेतावनी दी कि यदि दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला को फिर निशाना बनाया गया तो वह चुप नहीं बैठेगा।

दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आगे की रणनीति पर विचार के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। तनाव बढ़ने की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब पांच प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया।

लेबनान में कार्रवाई बनी टकराव की वजहरायटर के अनुसार, इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी थी।

ईरान लगातार इसका विरोध कर रहा था और उसने कई बार चेतावनी भी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी फोन पर नेतन्याहू से बातचीत कर लेबनान में सैन्य कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई थी।

इसके बावजूद इजरायली अभियान जारी रहने पर ईरान ने रविवार देर शाम उत्तरी इजरायल स्थित रमत डेविड एयरबेस को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। हालांकि इजरायल का दावा है कि मिसाइल वेस्ट बैंक क्षेत्र में गिरी।

नेवातिम और तेल नोफ एयरबेस को बनाया गया निशाना

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आइआरजीसी) ने दावा किया कि नेवातिम और तेल नोफ एयरबेस को भी निशाना बनाया गया।

इसके अलावा हाइफा स्थित एक पेट्रोकेमिकल परिसर पर भी मिसाइल दागी गई। बाद में ईरानी सैन्य मुख्यालय ने हमले रोकने की घोषणा करते हुए कहा कि यदि लेबनान में इजरायली कार्रवाई जारी रही तो और कठोर कदम उठाए जाएंगे।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया कि इजरायल क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

इजरायल का पलटवार, कई शहरों में धमाकेईरानी हमलों के जवाब में इजरायल ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुजेस्तान प्रांत स्थित माहशहर पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया।

इजरायल का दावा है कि इस परिसर का उपयोग बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े कार्यों में किया जा रहा था। इसके अलावा तीन रडार ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोकेमिकल प्लांट के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है और हमले में 15 लोग घायल हुए हैं।

ईरानी मीडिया ने तेहरान, तबरीज, इस्फहान और करज में भी धमाकों की खबर दी है। इजरायली वायु सेना ने कहा कि दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरान की रणनीतिक रक्षा प्रणालियों पर व्यापक हमले किए।

सेना के अनुसार, हाल में स्थापित निगरानी और अवरोधक प्रणालियों को भी नष्ट किया गया, जिससे इजरायली विमानों की संचालन क्षमता बढ़ी है।

हाउती विद्रोहियों की नई चेतावनी

एपी के अनुसार, यमन के ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर मिसाइल हमले का दावा किया है। हाउती सैन्य प्रवक्ता याहया सारेया ने कहा कि जाफा क्षेत्र को निशाना बनाकर दो मिसाइलें दागी गईं।

हाउती विद्रोहियों ने यह भी घोषणा की कि लाल सागर के बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी इजरायली जहाज को निशाना बनाया जाएगा। इजरायली सैन्य अधिकारियों ने दो मिसाइल हमलों की पुष्टि की है।

ट्रंप की पहल, बोले- समझौते के अलावा कोई विकल्प नहींन्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल से तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए कहा कि शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं और इस सप्ताह किसी भी समय प्रगति हो सकती है।

ट्रंप ने ईरान से मिसाइल हमले रोकने और वार्ता की मेज पर लौटने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि अंतिम समझौते तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।

रिपोर्टों के अनुसार, कूटनीतिक प्रयासों को बचाने के लिए ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी फोन पर बात की। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि इजरायल आगे कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा और वार्ता प्रक्रिया को मौका देगा। नेतन्याहू ने कहा है कि ट्रंप से बातचीत के बाद हमले रोक दिए गए हैं, लेकिन हमले के लिए हमेशा तैयार हैं।

यह भी पढ़ें- ग्रेट निकोबार में बनेगा 13 हजार करोड़ का ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, नौसेना भी करेगी इस्तेमाल