होर्मुज में पहली बार 'लिमपेट माइन' से हमला, 27 भारतीयों वाले टैंकर को बनाया निशाना
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को बताया कि 29 और 30 अक्टूबर को दो अलग-अलग ...और पढ़ें

तेल टैंकर एमटी लुईस-1 पर लिमपेट माइन से हमला हुआ है
HighLights
हमलों में कुल 29 भारतीय नाविकों वाले दो टैंकरों को निशाना बनाया गया
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज में लिमपेट माइन का पहला सफल हमला है
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट में पनामा के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर लिम्पेट माइन्स (जहाज के ढांचे से चिपकाए जाने वाले विस्फोटक उपकरण) से हमला किया गया। टैंकर पर 27 भारतीय नाविक सवार थे।
समुद्री सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, फरवरी में अमेरिका-ईरान तनाव शुरू होने के बाद से इस इलाके में किसी जहाज पर विस्फोटकों से किया गया यह पहला सफल हमला है।
इसके अलावा, ईरान ने दावा किया कि उसके हमले में दुश्मन का एक पनडुब्बी ड्रोन डूब गया। होर्मुज में कुल चार जहाज माइंस की चपेट में आए, जबकि दो को ईरानी नौसेना ने जब्त कर लिया।
अल जजीरा के अनुसार, तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमत ढाई प्रतिशत उछलकर 118 डालर प्रति बैरल पर जा पहुंची। अमेरिका के वेस्ट टेक्सास में तेल की कीमत दो प्रतिशत बढ़कर 104 डालर पहुंच गई।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शुक्रवार को बताया कि 29 और 30 अक्टूबर को दो अलग-अलग घटनाओं में निशाना बनाए गए टैंकरों पर सवार सभी 29 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। किसी को चोट नहीं आई है।
सोनोवाल ने एक्स पर बताया कि गुरुवार, 29 अक्टूबर, को लाइबेरिया के झंडे वाले विशाल तेल टैंकर ‘एमटी अर्ज़ाना’ पर हमला हुआ, जिस पर दो भारतीय सवार थे।
वहीं, शुक्रवार को पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर ‘एमटी लुईस 1’ को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर 27 भारतीय नाविक मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और नाविकों की सुरक्षा के लिए जहाज प्रबंधन कंपनियों के संपर्क में है।
तीन समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ‘लुईस 1’ के ढांचे पर दो लिम्पेट माइन्स लगाकर विस्फोट किया गया। इससे जहाज के इंजन रूम में आग लग गई और वह कुछ समय के लिए काम करना बंद कर गया। हालांकि, आग पर काबू पा लिया गया और टैंकर अपने अगले गंतव्य की ओर रवाना हो गया।
लिम्पेट माइन्स ऐसे विस्फोटक उपकरण होते हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी ढांचे से चिपकाया जा सकता है। छोटी नाव के जरिए इनका इस्तेमाल होर्मुज जैसे व्यस्त समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी।
अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि मध्यावधि चुनाव, तीन नवंबर, के बाद ट्रंप ईरान पर हमले की घोषणा कर सकते हैं। बैठक में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ चेयरमैन जनरल डैन कैन और अन्य कैबिनेट सदस्य भी शामिल हुए।