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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Israel Iran Conflict: 'हां, परमाणु ठिकानों को पहुंचा नुकसान', इजरायल के दावों पर ईरान ने ही लगा दी मुहर

Published: Sat, 14 Jun 2025 02:39 PM (IST)

Israel Iran conflict इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है इजरायल ने ईरान पर ड्रोन हमले किए हैं। ...और पढ़ें

Israel Iran conflict: इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला (फोटो सोर्स: जागरण ग्राफिक्स)
Israel Iran conflict: इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला (फोटो सोर्स: जागरण ग्राफिक्स)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।  इजरायल और ईरान के बीच तनाव (Israel Iran conflict) अब सैन्य संघर्ष में बदल चुका है. इजरायल ने गुरुवार देर रात ईरान पर ड्रोन हमले किए। इजरायल ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' नाम दिया था। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया।

इजरायल का उद्देश्य ईरान में मौजूद परमाणु संयंत्र को तबाह करना था। IDF ने पूरी तैयारी के साथ अपने मिशन को अंजाम दिया। इजरायली सेना ने शिराज, तबरीज और नतांज में मौजूद न्यूक्लियर साइट पर बमबारी की। इन हमलों में  ईरान के 6 परमाणु वैज्ञानिकों की भी मौत हो हई।

इजरायल ने दावा किया कि ईरान के प्रमुख परमाणु साइट नतांज को भारी नुकसान पहुंचा है।  नतांज वो जगह है, जहां ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट कर रहा था। यूरेनियम को एनरिच करने के बाद ही इससे परमाणु बम बनाया जाता है।  

परमाणु ठिकानों पर हुए हमले: ईरान  

ईरान ने भी इस बात को माना है कि इजरायली हमले में उसके फोर्डो (Fordow) संवर्धन स्थल (FFEP) को नुकसान पहुंचा है। ईरान के परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रवक्ता बेहरोज कमालवंडी ने कहा, "फोर्डो संवर्धन स्थल को थोड़ी नुकसान पहुंची है।  हालांकि,हमने पहले ही उपकरणों और सामग्रियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हटा दिया था, और कोई व्यापक क्षति नहीं हुई और कोई संदूषण संबंधी चिंता नहीं है।"

फोर्डो संवर्धन स्थल पर ईरान, यूरेनियम की क्षमता बढ़ाने और विकसित करने का काम कर रहा है। साल 2015 में परमाणु समझौते में फोर्डो में संवर्धन की इजाजत नहीं थी। लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने साल 2009 में खुलासा किया था कि ईरान, इस जगह पर करीब 2000 हाईटेक IR-6 सेंट्रीफ्यूज काम कर रहे हैं।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के 'दिल' पर हुआ हमला

इजरायल ने सबसे बड़ा हमला नातांज परमाणु संयंत्र पर किया है। इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का दिल माना जाता है। नातांज परमाणु संयंत्र काफी ज्यादा संवेदनशील है। यहां पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा ऑपरेट होता है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, ईरान अब तक इतना संवर्धित यूरेनियम जमा कर चुका है कि वह कुछ हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है। ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित संयंत्र ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का केंद्र है। यह दो मुख्य हिस्सों में बंटा है।

में

फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट : यह भूमिगत फैसिलिटी है, जिसमें लगभग 50,000 सेंट्रीफ्यूज रखने की क्षमता है। वर्तमान में यहां करीब 14,000 सेंट्रीफ्यूज हैं, जिनमें से 11,000 सक्रिय हैं। ये पांच प्रतिशत तक की शुद्धता के साथ यूरेनियम संवर्धन करते हैं।

  • पायलट फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट : यह जमीन के ऊपर स्थित है। इसमें कुछ सौ सेंट्रीफ्यूज हैं, जो 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धन करते हैं, जो परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत शुद्धता के काफी करीब है। इसी को देखते हुए इजरायल ने नतांज संयंत्र पर सबसे बड़ा हमला किया है।

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