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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Israel-Hamas War: 12 दिन के बाद गाजा में पहुंची राहत सामग्री, महज 20 ट्रकों के प्रवेश की इजरायली सेना ने दी अनुमति

By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
Published: Sun, 22 Oct 2023 06:45 AM (IST)

इजरायली घेराबंदी के बीच राहत सामग्री लेकर 20 ट्रक शनिवार को गाजा पट्टी पहुंच गए। संयुक्त राष्ट्र ने जल्द ही ...और पढ़ें

12 दिनों से जारी इजरायली घेराबंदी के बीच मानवीय सहायता लिए 20 ट्रक शनिवार को गाजा पट्टी में दाखिल हुए
12 दिनों से जारी इजरायली घेराबंदी के बीच मानवीय सहायता लिए 20 ट्रक शनिवार को गाजा पट्टी में दाखिल हुए

यरुशलम, रायटर। 12 दिनों से जारी इजरायली घेराबंदी के बीच बाहरी दुनिया से मानवीय सहायता लिए 20 ट्रक शनिवार को गाजा पट्टी में दाखिल हुए। ये ट्रक मिस्त्र के रफाह बार्डर के रास्ते गाजा पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायली सेना ने केवल 20 ट्रकों में लदी राहत सामग्री को ही गाजा में प्रवेश की अनुमति दी है।

संयुक्त राष्ट्र ने जल्द ही और सामग्री भेजने की बात कही है। लेकिन इससे पहले की रात इजरायली वायुसेना ने गाजा पर भारी बमबारी की। इसमें कई आवासीय भवन नष्ट होने और 50 फलस्तीनियों के मारे जाने की सूचना है। सात अक्टूबर के बाद से जारी इजरायली बमबारी में अभी तक गाजा पट्टी के 4,385 लोग मारे जा चुके हैं और 13,617 घायल हुए हैं। मरने वालों में 1,756 बच्चे शामिल हैं।

राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा के समान

हमास के इजरायल पर हमले के बाद इजरायली सेना की घेराबंदी से आवश्यक वस्तुओं की किल्लत झेल रहे 23 लाख गाजावासियों के लिए 20 ट्रक राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इन ट्रकों में केवल खाद्य सामग्री और दवाएं हैं। जबकि ईंधन के अभाव में पानी, बिजली की किल्लत दूर नहीं होगी।

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सामान्य बिजली आपूर्ति भंग होने और जेनरेटर के लिए डीजल खत्म होने से शुक्रवार तक गाजा के सात अस्पताल और 21 स्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके थे। इजरायली सेना की रात-दिन की बमबारी से बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं इसके चलते बड़ी मात्रा में चिकित्सकीय उपकरणों और दवाओं की जरूरत भी पड़ रही है।

प्रतिदिन 100 ट्रक राहत सामग्री की जरूरत

गाजा में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि प्रतिदिन 100 ट्रक राहत सामग्री की जरूरत है, कई दिन तक इस सामग्री के पहुंचने पर आमजनों की जिंदगी सामान्य हो सकेगी। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने राहत सामग्री के हमास के हाथ न पड़ने की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विजयी होने तक लड़ने के आह्वान के बाद इजरायली वायुसेना ने बीती रात और शनिवार सुबह गाजा पर भारी बमबारी की है।

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हमास के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

इस बमबारी में बड़ी संख्या में हमास के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है। जवाब में हमास ने भी तेल अवीव सहित इजरायली शहरों पर राकेट दागे लेकिन उनसे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। शुक्रवार को अमेरिकी मां-बेटी की रिहाई के बाद भी हमास आतंकियों के पास 208 बंधक बचे हैं, इनमें से कई विदेशी हैं।

सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के दौरान इन लोगों को अपहृत कर गाजा ले जाया गया था। हमास के हमले में इजरायल के करीब 1,400 लोग मारे गए थे। इस हमले के जवाब में इजरायली सेना गाजा को घेरकर उस पर लगातार बमबारी कर रही है और जल्द ही जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकती है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि गाजा की स्थिति विनाशकारी

संयुक्त राष्ट्र की पांच एजेंसियों ने शनिवार को कहा कि गाजा पट्टी में मानवीय स्थिति विनाशकारी है, और उन्होंने अधिक अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की है क्योंकि घनी आबादी वाले तटीय क्षेत्र में हालात बिगड़ रहे हैं। उनका बयान तब आया जब इजरायल ने कहा कि वह हमास पर दबाव बढ़ाने के लिए गाजा में अपने हमले बढ़ाएगा, और उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने सैनिकों को घिरे फलस्तीनी क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी।

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सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले में 1,400 लोगों की मौत के बाद से इजरायल ने गाजा पर विनाशकारी हवाई और जमीनी बमबारी शुरू कर दी है। हमास के अधिकारियों का कहना है कि 4,385 लोग मारे गए हैं।संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब प्राथमिक चिकित्सा ट्रक शनिवार को मिस्र से गाजा पहुंचे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और बच्चों की एजेंसी यूनिसेफ सहित एजेंसियों के बयान में कहा गया है कि गाजा में 1.6 मिलियन से अधिक लोगों को मानवीय सहायता की गंभीर आवश्यकता है। इसमें कहा गया है कि बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग सबसे असुरक्षित हैं। गाजा की लगभग आधी आबादी बच्चे हैं।

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