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इजरायल में नेतन्याहू को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी, आइसेनकोट की कड़ी शर्तें मानने को तैयार हुईं अरब पार्टियां

Published: Sun, 01 Nov 2026 11:46 PM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2026 11:47 PM (IST)

इजरायल में चुनाव के बाद किसी भी गठबंधन को बहुमत न मिलने से सरकार गठन की तस्वीर साफ नहीं है। ...और पढ़ें

इजरायल में नेतन्याहू को हटाने की तैयारी (फाइल फोटो)

इजरायल में नेतन्याहू को हटाने की तैयारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इजरायल में किसी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला।

  2. राष्ट्रपति ने मिली-जुली सरकार का सुझाव दिया।

  3. अरब पार्टियां आइसेनकोट की शर्तें मानने को तैयार।

जेएनएन, नई दिल्ली । इजरायल में चुनाव बाद नई सरकार के गठन की तस्वीर साफ नहीं हो रही है। किसी भी गठबंधन को बहुमत न मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने राजनीतिक दलों से वास्तविकता को समझते हुए सकारात्मक समाधान निकालने का अनुरोध किया।

उन्होंने संकेतों में मिली-जुली राष्ट्रीय सरकार के गठन का सुझाव भी दिया है। इस बीच मध्यमार्गी गठबंधन के नेता गादी आइसेनकोट ने नई सरकार के गठन के लिए अरब पार्टियों के समक्ष चार शर्तें रखी हैं। इनमें दो प्रमुख शर्ते हैं- इजरायल को यहूदी देश मानना और फलस्तीनी सशस्त्र संगठन हमास को आतंकी संगठन मानना।

इस बीच अरब पार्टियों के गठबंधन ज्वाइंट लिस्ट के नेता एमके अहमद टीबी ने बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के स्थान पर बनने वाली नई सरकार को बाहर से समर्थन देने का प्रस्ताव किया है।

इजरायल में 120 सदस्यों वाली संसद नीसेट में बहुमत के लिए 61 सदस्य चाहिए लेकिन किसी भी गठबंधन को बहुमत प्राप्त नहीं हुआ है। एएनआई के अनुसार इस स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रपति हरजोग ने मिली-जुली वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों को प्रयास करने का सुझाव दिया है।

केंद्रीय चुनाव समिति बुधवार को राष्ट्रपति के पास चुनाव परिणाम की औपचारिक सूचना देगी। इसके बाद राष्ट्रपति संसद सत्र बुलाकर उसमें नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने और सरकार बनाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देंगे। यह प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू होने की संभावना है।

इस बीच राष्ट्रपति विभिन्न दलों और गठबंधनों के नेताओं से मिलकर वैकल्पिक सरकार के गठन की संभावना भी टटोलेंगे। आइसेनकोट की शर्तों में सभी के लिए समान सैन्य सेवा वाली व्यवस्था भी है। इससे कट्टर दक्षिणपंथी वर्ग के नाराज होने की आशंका है।

टाइम्स आफ इजरायल के अनुसार, आइसेनकोट की सभी शर्तों के सार्वजनिक होने के बाद भी अरब पार्टियां आइसेनकोट के नेतृत्व वाली वैकल्पिक सरकार के लिए बाहर से समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

नेतन्याहू सरकार देश के लिए खतरा- गोलान

वैकल्पिक सरकार बनाने की कवायद के बीच डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख याइर गोलान ने कहा है कि नेतन्याहू सरकार इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा है।

एक्स पर पोस्ट बयान में उन्होंने कहा, नेतन्याहू सरकार को जल्द न हटाया गया तो वह ईरान के साथ युद्ध छेड़ देगी। उन्होंने कहा, नेतन्याहू जनता का विश्वास खो चुके हैं, उन्हें कोई नीतिगत या बड़ा निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।

इसलिए ईरान को लेकर चल रही उनकी बयानबाजी पर गौर करना चाहिए और राष्ट्रहित में उन्हें अविलंब हटाया जाना चाहिए। ईरान के साथ युद्ध में देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाएगा।

 

 

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