'फाइनल बातचीत से अभी बहुत दूर', सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान का बड़ा बयान
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता में प्रगति की बात कही है, लेकिन अंतिम समझौते को अभी दूर बताया। ...और पढ़ें
HighLights
ईरान ने अमेरिका से शांति वार्ता में प्रगति की बात कही।
अंतिम समझौता अभी भी बहुत दूर, कई मुद्दे अनसुलझे।
ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बरकरार।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका में दूसरे दौर की शांति वार्ता जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बीच ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ शांति वार्ता में प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी भी बहुत दूर है। क्योंकि दो हफ्तों का सीजफायर बुधवार को खत्म होने वाला है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने शनिवार को एक टीवी संबोधन में कहा कि अभी भी कई कमियां हैं और कुछ बुनियादी मुद्दे बाकी हैं।
हम अभी भी अंतिम बातचीत से बहुत दूर- गालिबफ
गालिबफ ने कहा, 'हम अभी भी अंतिम बातचीत से बहुत दूर हैं।' गालिबफ ने ही पिछले शनिवार को पाकिस्तान में हुई बातचीत के पहले दौर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
अमेरिका ने हमारी मांगे मान ली- गालिबफ
उन्होंने यह भी कहा कि हफ्तों चले युद्ध के दौरान ईरान मैदानों में विजयी रहा और उसने वॉशिंगटन के साथ केवल इसलिए अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई क्योंकि उसकी मांगे पूरी हो गई थीं। अमेरिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हमने सीफायर स्वीकार किया तो इसलिए क्योंकि उन्होंने हमारी मांगे मान ली थीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण- गालिबफ
गालिबफ ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है और ईरान रणनीतिक समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखता है। उन्होंने कहा कि दुश्मन की हर कोशिश हम पर अपनी मांगें थोपने की थी और यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों को दर्ज कराएं, इसलिए यहां बातचीत संघर्ष का एक तरीका है।
गालिबफ और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बंद दरवाजों के पीछे बातचीत की। यह 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच अब तक का सबसे उच्च स्तरीय संपर्क था। हालांकि, इस वार्ता में कोई अंतिम समझौता नहीं निकल सका।
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के अलगे दौर के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।
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