ईरान की IRGC ने दुबई में ओरेकल डेटा सेंटर पर हमले की जिम्मेदारी ली, ड्रोन से किया गया था अटैक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल से जुड़े एक डेटा सेंटर पर नए हमले की जिम्मेदारी ली है।

ईरान की IRGC ने दुबई में ओरेकल डेटा सेंटर पर हमले की जिम्मेदारी ली (फोटो- रॉयटर)
HighLights
ईरान की सैन्य और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है
यह हमला हाल के दिनों में ईरान की बढ़ती आक्रामकता का हिस्सा है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल से जुड़े एक डेटा सेंटर पर नए हमले की जिम्मेदारी ली है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह हमला अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियानों के जवाब में किया गया है, जिसमें ईरान की सैन्य और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है।
हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया
आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि ओरेकल का यह डेटा सेंटर दुश्मन की सैन्य और खुफिया गतिविधियों को सपोर्ट करने वाला बुनियादी ढांचा है। हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे सेंटर में आग लगने और सेवाओं में व्यवधान की खबरें हैं। हालांकि, अभी तक नुकसान की पूरी डिटेल्स या हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है।
यह हमला हाल के दिनों में ईरान की बढ़ती आक्रामकता का हिस्सा है। इससे पहले आईआरजीसी ने बहरीन में अमेज़न वेब सर्विसेज के क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें आग लगने और क्षेत्रीय सेवाओं में आउटेज की रिपोर्ट आई थी।
मार्च की शुरुआत में भी यूएई और बहरीन में अमेज़न के डेटा सेंटर्स पर ड्रोन हमले हुए थे, जिससे बैंकिंग, पेमेंट और डिजिटल सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
ईरान की चेतावनी और टारगेट लिस्ट
तेहरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों की संपत्तियों को वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
1 अप्रैल को आईआरजीसी ने 18 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों की लिस्ट जारी की थी, जिनमें शामिल हैं:
- ओरेकल
- माइक्रोसॉफ्ट
- गूगल
- एप्पल
- अमेज़न (एडब्ल्यूएस)
- एनवीडिया
- आईबीएम
- मेटा
- टेस्ला
- बोइंग
- पालंटिर
- इंटेल, एचपी, सिस्को, डेल, जेपी मॉर्गन आदि।
ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिकी सेना और इजरायल को क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई, टारगेटिंग और इंटेलिजेंस सपोर्ट प्रदान कर रही हैं। आईआरजीसी ने कर्मचारियों को सलाह दी थी कि वे इन सुविधाओं से दूर रहें और आसपास के इलाकों से खाली कर लें।
