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'सहयोगी देशों को भी मानेंगे युद्ध का हिस्सा, रहम नहीं करेंगे'; ईरान की अमेरिका को खुली धमकी

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:54 AM (IST)

ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी है कि किसी भी नई सैन्य कार्रवाई का जवाब पश्चिम एशिया ...और पढ़ें

ट्रंप की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बीच ईरान ने दी धमकी(प्रतीकात्मक तस्वीर)

ट्रंप की बड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बीच ईरान ने दी धमकी(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने रविवार को एक बयान जारी किया।

बयान में कहा गया है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान पर कोई नई सैन्य कार्रवाई की, तो इसका जवाब बहुत कड़ा होगा। ईरान ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और अमेरिकी हितों पर लगातार और प्रभावी हमले किए जाएंगे। ये हमले दर्दनाक होंगे।

ईरान ने उन देशों को भी चेतावनी दी है जो इस मामले में अमेरिका का समर्थन करेंगे। ईरान ने साफ कहा है कि वाशिंगटन का साथ देने वाले देशों को भी इस संघर्ष में भागीदार माना जाएगा। सैन्य कमान का आरोप है कि वाशिंगटन कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से तेहरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

एएनआई के अनुसार, सेंट्रल कमान ने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कोई भी गलती की, तो क्षेत्र में उसके सभी ठिकानों और हितों को बिना किसी सीमा या विचार के लगातार, प्रभावी और दर्दनाक हमलों का निशाना बनाया जाएगा।

क्षेत्रीय देशों को भी चेताया

ईरानी सैन्य कमान ने क्षेत्रीय देशों को भी किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। बयान में कहा गया है कि जो देश वाशिंगटन के साथ खड़े होंगे, उन्हें इस संघर्ष में भागीदार माना जाएगा और फिर वे ईरानी सेना से किसी भी तरह के संयम की उम्मीद न रखें।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि इस नाकेबंदी को प्रभावी बनाने के प्रयासों के तहत 20 सितंबर तक उसके बलों ने 109 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला है।

इस तनाव ने प्रमुख वैश्विक ऊर्जा गलियारे, होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। ईरान ने इस जलमार्ग से अधिकांश शिपिंग को प्रतिबंधित करना जारी रखा है और स्पष्ट किया है कि वह इसे तब तक नहीं खोलेगा जब तक कि जून के संघर्ष विराम समझौते की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं।

ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने रखी शर्तें

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि वह समझौते पर सहमत नहीं होता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिसमें ईरान का आर्थिक पतन या उसके नेतृत्व पर हमले शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को लेकर निर्णय लेने के मूड में हैं और चेतावनी दी कि बहुत बड़ी चीजें हो सकती हैं।

दूसरी ओर, ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के माध्यम से संघर्ष समाप्त करने के लिए अपनी शर्तें रख दी हैं। इन शर्तों में शत्रुता को समाप्त करना, फ्रीज किए गए ईरानी फंड को जारी करना और नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना शामिल है।

सऊदी अरब पर हूती हमले के बाद अलर्ट पर अमेरिका

तनाव का दौर ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए गए नए हमलों के बाद और बढ़ गया है। इन हमलों में रियाद और लाल सागर के तट पर स्थित यानबू में एक तेल रिफाइनरी पर हमले के दावे शामिल हैं। सऊदी अरब ने तुरंत इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने अन्य हमलों को विफल कर दिया है।

लगातार मंडराते खतरे के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को क्षेत्र में मौजूद अमेरिकियों को अप्रत्याशित वृद्धि की संभावना के बारे में चेतावनी दी थी, और उनसे अधिक सतर्कता बरतने तथा संभावित उड़ानें रद होने व हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहने का आग्रह किया था।

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