'फिर आजमाना चाहते हैं किस्मत?', नए सिरे से युद्ध को लेकर अराघची की ट्रंप को चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की काम तमाम करने की धमकी पर तीखा पलटवार किया है।

नए सिरे से युद्ध को लेकर अराघची की ट्रंप को चेतावनी(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की काम तमाम करने वाली धमकी पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अराघची ने कहा कि पिछली बार जब अमेरिका ने ऐसा करने की कोशिश की थी, तब ईरान पहले से भी ज्यादा मजबूत बनकर सामने आया था।
उन्होंने लिखा कि अगर अमेरिका दोबारा अपनी किस्मत आजमाना चाहता है तो आजमा ले, लेकिन उसे सावधान रहना चाहिए क्योंकि ईरान के पास भी कुछ अधूरे काम बाकी हैं।
जेल से बचने के लिए अमेरिका को युद्ध में झोंक रहे नेतन्याहू: अराघची
ईरानी विदेश मंत्री ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतन्याहू अपने देश में चल रहे कानूनी मामलों और संभावित जेल की सजा से बचने के लिए अमेरिका को एक और सैन्य संघर्ष में घसीट रहे हैं।
अराघची ने चेतावनी दी कि इस युद्ध का भारी नुकसान न केवल इजरायल को भुगतना पड़ेगा, बल्कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है।
चुनाव से पहले ट्रंप का नेतन्याहू को खुला समर्थन
यह जुबानी जंग उस समय तेज हुई जब डोनल्ड ट्रंप ने इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले नेतन्याहू को अपना पूरा समर्थन दे दिया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इजरायल की जनता के नाम एक लंबा संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने नेतन्याहू को महान योद्धा प्रधानमंत्री करार दिया और उनके चुनावी अभियान का खुलकर समर्थन किया। ट्रंप ने ईरान से निपटने और शांति के प्रयासों के लिए इजरायली नेता की तारीफ भी की।
इजरायली मतदाताओं को ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने इजरायल के मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि वे कोई गलत नेता न चुनें। उन्होंने यह तक संकेत दिया कि अगर गलत नेता चुना गया तो अमेरिका को दखल देना पड़ सकता है, हालांकि उन्होंने जोड़ा कि वह ऐसा करने के पक्ष में नहीं हैं।
इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान पर दशकों से इजरायल और अमेरिका को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि भारी सैन्य व वित्तीय नुकसान के बाद भी अगर तेहरान ने अपना रुख नहीं बदला, तो वाशिंगटन जल्द ही काम तमाम कर देगा।
