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'लेबनान पर हमला किया तो टूट जाएगा सीजफायर', इजरायली हमलों पर ईरान की नई धमकी

Published: Wed, 08 Apr 2026 08:31 PM (IST)Updated: Wed, 08 Apr 2026 10:19 PM (IST)

अमेरिका-ईरान युद्धविराम के 24 घंटे के भीतर, तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल लेबनान पर हमला जारी रखता ...और पढ़ें

सीजफायर पर ईरान की नई धमकी। (फाइल)

सीजफायर पर ईरान की नई धमकी। (फाइल)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान में युद्ध विराम के एलान को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि तेहरान ने धमकी दी है कि इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे तो वह मौजूदा युद्ध विराम समझौते से हट जाएगा। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह चेतावनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर इजरायली हमलों की रिपोर्टों के बाद दी गई है।

एजेंसी ने एक आधिकारिक सूत्र का हवाला देते हुए बताया कि लेबनान पर इजरायली शासन के लगातार हमलों के कारण संघर्ष विराम समझौते से बाहर निकलने की संभावना पर विचार कर रहा है।

सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि लेबनान में वीर इस्लामी प्रतिरोध के खिलाफ कार्रवाई सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति दो सप्ताह के युद्धविराम योजना के हिस्से के रूप में अमेरिका द्वारा स्वीकार की गई एक शर्त थी।

अधिकारी ने कहा, "इजरायली शासन ने आज सुबह से ही संघर्ष विराम का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए लेबनान पर क्रूर हमले किए हैं।"

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की चेतावनी

ईरानी नौसेना ने फिर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मौजूद जहाजों को चेतावनी जारी की है। IRGC ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के लिए उन्हें अभी भी ईरान की अनुमति की जरूरत लेनी पड़ेगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने रेडियो के जरिए जाहाजों को चेतावनी दी कि बिना अनुमति के गुज़रने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा।

होर्मुज पर ईरान की धमकी

रेडियो संदेश में कहा गया, 'जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए आपको ईरानी सेपाह नौसेना से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई जहाज बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश करता है, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा।'

समझौते में क्या था?

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि चालक दल द्वारा शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में ज्यादातर जहाज रुके हुए हैं, ईरान अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। इसीलिए उसने फारसी खाड़ी के ऊपर अभी भी लड़ाकू विमान तैनात किए हुए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच पानी की सिर्फ 34 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो खाड़ी से हिंद महासागर तक जाने का रास्ता देता है और दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति और उर्वरक सहित अन्य जरूरी सामानों का मुख्य रास्ता है।

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