दोनों 'भाई' मिलकर वसूलेंगे टोल... होर्मुज पर ट्रंप का नया बयान, क्या करेगा ईरान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से टोल वसूलने के लिए अमेरिका-ईरान संयुक्त उद्यम का सुझाव ...और पढ़ें

होर्मुज के टोल पर ट्रंप की नजर। (फाइल)
HighLights
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से टोल वसूली का सुझाव दिया।
अमेरिका-ईरान संयुक्त उद्यम के रूप में प्रस्ताव रखा।
ट्रंप ने इसे सुरक्षा का "खूबसूरत तरीका" बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सीजफायर के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य जलमार्ग से टोल वसूलने के लिए अमेरिका-ईरान ज्वॉइंट वेंचर का सुझाव दिया है।
अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हम इसे एक संयुक्त उद्यम के रूप में करने के बारे में सोच रहे हैं। यह इसे सुरक्षित करने का एक तरीका है। साथ ही इसे अन्य कई लोगों से भी सुरक्षित करना है। यह एक खूबसूरत चीज है।'
टैरिफ व प्रतिबंधों में राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान अब मिलकर काम करेंगे और दोनों देशों के बीच टैरिफ व प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत जारी है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान को दिए गए 15 प्रस्तावों में से कई बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, हालांकि उन्होंने इन बिंदुओं का खुलासा नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत पर बातचीत कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक असर
सीजफायर की खबर के बाद ईरान में राहत का माहौल देखने को मिला है, वहीं वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक असर पड़ा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद अभी भी सुलझे नहीं हैं और शांति समझौते को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
ट्रंप की टैरिफ वॉरनिंग
ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी देश ईरान को हथियार मुहैया कराएगा, उसके अमेरिकी निर्यात पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने चीन और रूस पर इशारा करते हुए कहा कि इन देशों ने ईरान को मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य सैन्य तकनीक देकर उसकी क्षमता बढ़ाई है, हालांकि हालिया हमलों के दौरान उनका समर्थन सीमित रहा।
इस बीच, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत हो गई, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं। उनके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है।
