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साउथ पार्स पर हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत व इजरायल की रिफाइनरियों को बनाया निशाना

Published: Thu, 19 Mar 2026 11:51 PM (GMT+05:30)

इज़रायल द्वारा साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत, यूएई और इज़रायल की ...और पढ़ें

बदले की आग में धधकी रिफाइनरियां। (रॉयटर्स)

बदले की आग में धधकी रिफाइनरियां। (रॉयटर्स)

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जागरण न्यूज नेटवर्क,नई दिल्ली। ईद की तैयारियों में जुटे खाड़ी देशों पर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से मिसाइलों और ड्रोन हमलों का साया मंडरा रहा है।

इजरायल की ओर से साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब, कतर, कुवैत एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ-साथ इजरायल की रिफाइनरियों और गैस संयंत्रों को निशाना बनाया। इन हमलों से ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और ये अंतरराष्ट्रीय बाजार में 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

साथ ही खाड़ी देशों के सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। इन हमलों से हड़बड़ाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और कतर को साउथ पार्स पर हमलों के बारे में जानकारी नहीं थी। साथ ही स्पष्ट किया कि इजरायल साउथ पार्स को तब तक निशाना नहीं बनाएगा, जब तक ईरान दोबारा कतर पर हमला नहीं करता।

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के पास कभी 11 पनडुब्बियों का बेड़ा था, लेकिन अब उसकी पनडुब्बियां समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के विरुद्ध युद्ध में अमेरिका का उद्देश्य नहीं बदला है। इस बीच पेंटागन ने अमेरिकी सरकार से इस युद्ध के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की मांग की है।

रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के हवाई हमलों ने युद्ध के 20वें दिन कतर में दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया, सऊदी अरब में एक रिफाइनरी को निशाना बनाया, यूएई को गैस संयंत्र बंद करने पर मजबूर किया, कुवैत की दो रिफाइनरी में आग लगा दी और इजरायल की हाइफा स्थित रिफाइनरियों को निशाना बनाया।

सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार को अरामको-एक्सान रिफाइनरी, सेमरेफ पर एक ड्रोन गिरा। इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उसने बंदरगाह शहर यानबू की ओर छोड़ी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट किया है। यानबू वर्तमान में एकमात्र ऐसी जगह है जहां से सऊदी अरब कच्चे तेल का निर्यात कर रहा है। यहां रिफाइनरी भी है।

रियाद में तुर्किये समेत दर्जनभर खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि उनके देश के पास ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित है और तेहरान के प्रति उनका भरोसा अब पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें ईरान के गलत आकलन को दर्शाती हैं, जिनसे उसे कोई लाभ नहीं होगा।

कुवैत की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि कुवैत पेट्रोलियम कारपोरेशन की मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों की इकाइयों को को ड्रोन से निशाना बनाया गया। इससे दोनों जगहों पर आग लग गई। यूएई ने गुरुवार सुबह हबशान गैस संयंत्रों और बाब तेल क्षेत्र में मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद गैस संयंत्र बंद कर दिए।

कतर की सरकारी तेल कंपनी कतरएनर्जी ने बताया कि देश की तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के मुख्य प्रोसेसिंग स्थल रास लफ्फान पर ईरानी मिसाइल हमलों से व्यापक नुकसान हुआ है। एपी के अनुसार, गुरुवार को यूर्एई तट के पास एक जहाज में भी आग लग गई। इसके अलावा कतर के पास एक अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गया।

ईरानी हमलों के बाद ट्रंप ने एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में तेहरान को चेतावनी दी कि वह कतर के एलएनजी संयंत्रों पर दोबारा हमला न करे। अगर उसने ऐसा किया तो अमेरिका पूरे साउथ पार्स गैस फील्ड को बुरी तरह उड़ा देगा। उन्होंने कहा कि इजरायल ने कतर या अमेरिका को बताए बिना साउथ पार्स पर हमला किया था। लेकिन तीन इजरायली अधिकारियों ने बताया कि साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला अमेरिका के साथ समन्वय से किया गया था, लेकिन इसकी पुनरावृत्ति होने की संभावना नहीं है।

जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गा‌र्ड्स ने कहा, 'अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो आपके और आपके सहयोगियों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि उनका पूरी तरह से विनाश न हो जाए। हमारी जवाबी कार्रवाई इन हमलों से कहीं अधिक कड़ी होगी।'

मरम्मत में लगेंगे तीन से पांच वर्ष

कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने बताया कि ईरान के हमलों से कंपनी की एलएनजी निर्यात की 17 प्रतिशत क्षमता प्रभावित हुई है और इनकी मरम्मत में तीन से पांच वर्ष लगेंगे। उन्होंने कहा, ''मैंने अपने सबसे भयानक सपने में भी यह नहीं सोचा था कि कतर (कतर और यह पूरा क्षेत्र) इस तरह किसी मुस्लिम देश की ओर से हमले का शिकार होगा और वह भी रमजान के महीने में।''

कतर ने ईरानी अटैचियों को देश से निकाला

कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूतावास में कार्यरत सिक्योरिटी और मिलिट्री अटैचियों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने को कहा है। मंत्रालय ने रास लफ्फान पर हमले की निंदा करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया और ईरान पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

कैस्पियन सागर में ईरान की नौसैनिक क्षमताएं खत्म : इजरायल

इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी ने बताया कि इजरायल ने बुधवार को पहली बार कैस्पियन सागर में ईरानी नौसेना को निशाना बनाते हुए हमले किए। उन्होंने कहा कि इस अंतरदेशीय सागर में ईरान की नौसैनिक क्षमताएं काफी हद तक खत्म हो गई हैं। इजरायली वायुसेना ने दर्जनों ठिकानों पर हमले किए, जिनमें मिसाइल बोट, एक कार्वेट (छोटा युद्धपोत), जहाजों के निर्माण व मरम्मत के लिए इस्तेमाल होने वाला एक शिपयार्ड और एक कमांड सेंटर शामिल थे।

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