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ईरानी मिसाइलों के निशाने पर इजरायल के तेल भंडार, हाइफा में रिफाइनरियों पर हमला; बिजली गुल

Published: Thu, 19 Mar 2026 11:20 PM (IST)

इजरायली ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में उत्तरी बंदरगाह शहर हाइफा स्थित तेल रिफाइनरियों को ...और पढ़ें

ईरान के मिसाइल हमले में इजरायल के हाइफा स्थित तेल रिफाइनरी को नुकसान (फोटो- एक्स)

ईरान के मिसाइल हमले में इजरायल के हाइफा स्थित तेल रिफाइनरी को नुकसान (फोटो- एक्स)

HighLights

  1. मिसाइल हमले के बाद हाइफा में बिजली गुल, 45 मिनट के भीतर सप्लाई बहाल

  2. इजरायल-ईरान संघर्ष: हाइफा में मिसाइल अटैक, ऊर्जा मंत्रालय ने कहा- 'नुकसान गंभीर नहीं'

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल और ईरान में इन दिनों भीषण युद्ध छिड़ा हुआ है। दोनों देश एक दूसरे पर लगातार मिसाइल हमले कर रहे हैं। इस कड़ी में ईरान ने ईजरायल की एक तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है।

इजरायली ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में उत्तरी बंदरगाह शहर हाइफा स्थित तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया, हालांकि इसमें किसी महत्वपूर्ण क्षति की सूचना नहीं है।

ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने स्पष्ट किया कि हमले के कारण बिजली ग्रिड को हुआ नुकसान बेहद सीमित है और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तेजी से बहाल कर दी गई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर में इजरायली बुनियादी ढांचे को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है। उधर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसने सटीक मिसाइलों के जरिए हाइफ़ा और दक्षिण में स्थित अशदोद की रिफाइनरियों के साथ-साथ कई सुरक्षा और सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया। फिलहाल अशदोद रिफाइनरी पर हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हाइफा में जहां मिसाइल का मलबा और गोला-बारूद गिरा, वहां पुलिस की बम निरोधक इकाइयां तैनात की गई हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इजरायल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय ने मलबे के गिरने को खतरनाक पदार्थों की घटना मानकर जांच शुरू कर दी है। इजरायल इलेक्ट्रिक कॉर्प के मुताबिक, छर्रों की वजह से क्षतिग्रस्त हुई बिजली लाइनों को 45 मिनट के भीतर ठीक कर दिया गया।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में भी इन रिफाइनरियों पर हुए ईरानी हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी और परिचालन बाधित हुआ था, लेकिन इस बार का नुकसान तुलनात्मक रूप से बेहद कम बताया जा रहा है।