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ट्रंप के युद्धविराम के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- सब झूठ और निराधार

Published: Wed, 01 Apr 2026 08:23 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 01 Apr 2026 08:48 PM (GMT+05:30)

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को 'झूठा और निराधार' बताया है। ट्रंप ने ...और पढ़ें

ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज (फोटो-रॉयटर्स)

ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस बयान को 'झूठा और निराधार' बताया है जिसमें उन्होंने तेहरान के युद्धविराम की मांग करने की बात कही थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने आज बुधवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका के सामने सीजफायर की गुहार लगाई है। लेकिन ईरान ने ट्रंप के सभी दावों को खारिज कर दिया है।

ट्रंप ने ईरान के सामने रखी थी शर्त

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, 'ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति, जो अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कहीं कम कट्टर और कहीं अधिक बुद्धिमान हैं, उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है।'

ट्रंप ने आगे लिखा, 'हम युद्ध रोकने पर तभी विचार करेंगे, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित हो जाएगा, तब तक हम ईरान को पूरी तरह से तबाह कर देंगे या जैसा कि कहा जाता है, उसे वापस 'पाषाण युग' में धकेल देंगे।'

ट्रंप के बयान के बाद व्हाइट हाउस ने कहा कि वह ईरान के नए नेतृत्व के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है। विश्वास है कि जल्द ही एक समझौता हो जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, अमेरिका ईरान के नए नेताओं के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है और इसमें काफी प्रगति हुई है। राष्ट्रपति को विश्वास है कि जल्द ही समझौता हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगर समझौता नहीं होता है, तो इसके क्या परिणाम होंगे।

ईरान में IRGC बना 'असली शासक'

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ईरान के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है, जिससे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की स्थिति महज एक औपचारिक पद तक सिमट कर रह गई है।

राष्ट्रपति और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों ने देश को एक पूर्ण राजनीतिक गतिरोध की स्थिति में धकेल दिया है। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, सत्ता के इस बड़े उलटफेर का मुख्य कारण ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की रहस्यमयी स्थिति को माना जा रहा है।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई नए सुप्रीम लीडर बनाए गए, लेकिन उस हमले के बाद से ही मोजतबा सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे या तो गंभीर रूप से घायल हैं या कोमा में हैं।

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