होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल सिस्टम? जंग के बीच जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ईरान वसूलेगा शुल्क, बिल तैयार
ईरान मध्य पूर्व युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 'सुरक्षित मार्ग' के लिए शुल्क लगाने का ...और पढ़ें

(यह तस्वीर AI से जेनेरेट की गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट की जंग अब ऐसे पड़ाव पर आ पहुंची है जहां वैकल्पिक मार्ग तलाशे जा रहे हैं। ईरान युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार को गहरे संकट में डाल दिया है। ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
अब इस तनाव के बीच ईरान एक नया कदम उठाने जा रहा है। ईरानी संसद एक ड्राफ्ट बिल पर काम कर रही है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से 'सुरक्षित मार्ग' के लिए शुल्क वसूलने का प्राविधान किया जाएगा।

क्या है ईरान का होर्मुज प्लान?
सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, एक ईरानी सांसद ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह प्रस्ताव अगले हफ्ते अंतिम रूप ले सकता है। इससे ईरान को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर कानूनी रूप से कंट्रोल मिल जाएगा।
युद्ध शुरू हुए करीब एक महीना होने को है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज से शिपिंग गतिविधि बेहद सीमित हो गई है। केवल ईरान या चीन से जुड़े कुछ जहाज ही गुजर पा रहे हैं, जिन्हें इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की मंजूरी मिली है।

होर्मुज बंद होने से कितना नुकसान?
जहाजरानी उद्योग से मिली रिपोर्ट्स बताती हैं कि अनौपचारिक रूप से पहले से ही कुछ जहाजों से शुल्क लिया जा रहा है। शिप ऑपरेटर्स को दलालों के जरिए चालक दल, कार्गो और रूट की जानकारी शेयर करने के साथ-साथ कुछ मामलों में 20 लाख डॉलर तक का भुगतान करने को कहा गया है।
औपचारिक टोल सिस्टम लागू होने पर जहाज कंपनियों के सामने दुविधा खड़ी हो जाएगी। एक तरफ फारस की खाड़ी में फंसे चालक दल और कार्गो को निकालने की जरूरत है, दूसरी तरफ प्रतिबंधों और सुरक्षा का भी डर है।होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति की धमनी माना जाता है।

आसमान छूती तेल-गैस की कीमत
28 फरवरी से यहां यातायात बाधित है, जिससे टैंकर ट्रैफिक घटा है, ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं और वैश्विक बाजार अस्थिर हुए हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाता है तो वह पूरे जलमार्ग को बंद कर सकता है।
भारत सरकार ने इस प्रस्तावित टोल को पूरी तरह खारिज कर दिया है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने कहा, 'होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य है। अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार यहां स्वतंत्र ट्रेड का अधिकार है और कोई भी शुल्क नहीं लगाया जा सकता। इसलिए ऐसी कोई भी दावा बेबुनियाद है।'
कितना अहम है होर्मुज?

होर्मुज की भौगोलिक स्थिति इसे हमलों के लिए संवेदनशील बनाती है। यह जलडमरूमध्य 140 मील लंबा और सबसे केवल 25 मील चौड़ा है। लोडेड टैंकरों को पार करने में इसे 10-14 घंटे लगते हैं। अगर युद्धविराम होता भी है तो नौसेना एस्कॉर्ट, माइन्स क्लियरेंस और बहुराष्ट्रीय समन्वय की जरूरत पड़ेगी।
वर्तमान में रेड सी रूट भी जोखिम भरा है। ईरान ने बाब एल मंदेब जलडमरूमध्य पर भी चिंता जताई है। शिपिंग कंपनियां ऊंचे बीमा प्रीमियम और युद्ध क्षेत्र भत्ते का बोझ उठा रही हैं।
