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कौन हैं मोजतबा खामेनेई? जिन्हें मिली ईरान की कमान, दुनियाभर में हैं अरबों की संपत्ति

Published: Wed, 04 Mar 2026 08:43 AM (IST)

अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर उनके बेटे मोजतबा होसैनी खामेनेई को ...और पढ़ें

2019 में अमेरिका ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगाए थे। (फाइल फोटो)

2019 में अमेरिका ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगाए थे। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए।

  2. उनका प्रभाव आईआरजीसी और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ा है।

  3. उन पर अरबों की संपत्ति और चुनावों में हस्तक्षेप के आरोप।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा होसैनी खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है।

मोजतबा कौन हैं?

1969 में मशहद में जन्मे मोजतबा का बचपन ऐसे समय गुजरा जब उनके पिता शाह मोहम्मद रजा पहलवी के खिलाफ प्रमुख धार्मिक नेता के रूप में उभर रहे थे। 1979 की इस्लामी क्रांति ने परिवार की किस्मत बदल दी और उन्हें नए राज्य के केंद्र में ला खड़ा किया।

तेहरान आने के बाद मोजतबा ने अलावी हाई स्कूल में पढ़ाई की, जो शासन के अंदरूनी लोगों को तैयार करने के लिए मशहूर है। उसके बाद उन्होंने कोम में धार्मिक शिक्षा ली, जहां वे रूढ़िवादी धार्मिक नेताओं के संपर्क में आए। लेकिन दशकों तक मदरसे में रहने के बावजूद वे अयातुल्ला का दर्जा हासिल नहीं कर सके।

ईरान के संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर को ऊंचा धार्मिक ओहदा होना चाहिए। इसलिए मोजतबा का धार्मिक स्तर वरिष्ठ धार्मिक नेताओं के बीच बहस का विषय बना रहा है। ईरान-इराक युद्ध के दौरान मोजतबा ने हबीब बटालियन में सेवा की। इस दौरान उन्होंने ऐसे लोगों से रिश्ते बनाए जो बाद में ईरान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों में ऊंचे पदों पर पहुंचे।

कभी किसी पद पर नहीं रहे

हालांकि मोजतबा ने कभी कोई चुनी हुई पदवी या सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक वे सुप्रीम लीडर के ऑफिस में गेटकीपर की भूमिका निभाते रहे हैं। यह भूमिका वैसी ही है जैसी कभी रुहोल्लाह खुमैनी के लिए उनके बेटे अहमद खुमैनी निभाते थे।

विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा का प्रभाव इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से उनके मजबूत रिश्तों से आता है। आईआरजीसी ईरान की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीति में निर्णायक भूमिका निभाता है।

2019 में अमेरिका ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगाए। आरोप था कि अली खामेनेई ने अपनी कुछ शक्तियां अपने बेटे को सौंप दीं, जो बिना सार्वजनिक जवाबदेही के आधिकारिक भूमिका निभा रहे थे।

क्या है आरोप?

सुधारवादी नेता और विदेशी सरकारें मोजतबा पर चुनावों में हस्तक्षेप और सुरक्षा कार्रवाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाती रही हैं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इन आरोपों का हमेशा खंडन किया है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा के पास बड़ा निवेश नेटवर्क है। उनका सटीक नेट वर्थ तो पता नहीं, लेकिन उन्होंने वैश्विक संपत्ति साम्राज्य बनाया है और अरबों डॉलर पश्चिमी बाजारों में लगाए हैं।

उत्तराधिकार को लेकर बहस

खास बात यह है कि अली खामेनेई ने तीन वरिष्ठ धार्मिक नेताओं को अपना संभावित उत्तराधिकारी बताया था और उनके बेटे का नाम उसमें नहीं था। पिता से पुत्र को सत्ता सौंपना ईरान के इस्लामी गणराज्य की उस बुनियादी कहानी को चुनौती देता है जो वंशानुगत शासन का विरोध करती है।

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